मुजफ्फरनगर। भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) ने बिजली कटौती और बदहाल आपूर्ति व्यवस्था के खिलाफ पुरकाजी में जोरदार प्रदर्शन शुरू कर दिया है। भाकियू के प्रदेश महासचिव और नगर पंचायत चेयरमैन जहीर फारूकी के नेतृत्व में सैकड़ों ग्रामीणों और कार्यकर्ताओं ने बिजलीघर का घेराव कर अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने अघोषित बिजली कटौती, जर्जर तारों, ट्रांसफार्मर ओवरलोड और बिजली विभाग की लापरवाही पर कड़ा रोष जताया।
धरने के दौरान वक्ताओं ने कहा कि पिछले कई दिनों से क्षेत्र में घंटों बिजली की अघोषित कटौती की जा रही है, जिससे लोग दिन-रात बेहाल हैं। न तो घरेलू कामकाज सुचारु रूप से हो पा रहे हैं और न ही व्यवसाय। ग्रामीणों ने कहा कि रात में बिजली गायब रहती है, जिससे बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को भारी परेशानी उठानी पड़ रही है।
धरने में उठी प्रमुख मांगें:
अघोषित बिजली कटौती पर तत्काल रोक लगे
गलियों में झूलते तार बदले जाएं
पुराने ट्रांसफार्मर की क्षमता बढ़ाई जाए
बिजली विभाग में फैले भ्रष्टाचार की जांच हो
विभागीय कार्यशैली में पारदर्शिता लाई जाए
धरने में शामिल लोग तब और ज्यादा आक्रोशित हो उठे, जब बिजलीघर पहुंचने पर वहां एसडीओ, जेई समेत पूरा स्टाफ नदारद मिला और दफ्तरों पर ताले लटकते नजर आए। इससे नाराज भीड़ ने नारेबाजी शुरू कर दी।
जहीर फारूकी ने कहा, “जब तक विभाग जनता की समस्याएं नहीं सुनेगा और सुधार की दिशा में ठोस कदम नहीं उठाएगा, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। अब यह केवल बिजली का मामला नहीं, बल्कि जनता के सम्मान और अधिकारों की लड़ाई है।” उन्होंने चेताया कि अगर जल्द समाधान नहीं हुआ, तो यह धरना जन आंदोलन में बदल जाएगा।
स्थानीय नागरिकों ने भी एकजुट होकर कहा कि अब चुप नहीं बैठेंगे। यह संघर्ष बिजली विभाग की मनमानी पर लगाम लगाने के लिए जरूरी हो गया है।










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