मुजफ्फरनगर। जिला पंचायत सभागार में आयोजित ‘किसान दिवस’ के दौरान किसानों की समस्याओं को लेकर भारी गहमागहमी रही। प्रदूषण, चकबंदी और स्मार्ट मीटर जैसे ज्वलंत मुद्दों पर किसानों ने प्रशासन और ऊर्जा निगम के खिलाफ कड़ा विरोध दर्ज कराया।
ऊर्जा निगम और स्मार्ट मीटर पर टकराव-
बैठक के दौरान स्मार्ट मीटर का मुद्दा सबसे अधिक गर्माया। जब ऊर्जा निगम के अधिकारियों ने मीटरों को सही बताया, तो विभिन्न किसान संगठनों के पदाधिकारी भड़क उठे और मुख्य मंच के सामने आकर नारेबाजी करने लगे। किसानों ने अधिकारियों पर दुर्व्यवहार का आरोप लगाते हुए कहा कि उनकी शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण समाधान नहीं किया जा रहा है।
प्रदूषण और कोल्हुओं की सीलिंग पर चेतावनी-
भाकियू जिलाध्यक्ष नवीन राठी ने प्रदूषण विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि एक तरफ आरडीएफ (Refuse-Derived Fuel) जलाकर प्रदूषण फैलाया जा रहा है, वहीं दूसरी तरफ विभाग बिना ठोस कारण के कोल्हुओं को सील कर रहा है। किसानों ने चेतावनी दी कि यदि प्रतिबंधित आरडीएफ के वाहनों पर रोक नहीं लगी, तो वे स्वयं इन वाहनों को सड़कों पर रोक देंगे।
चकबंदी और अन्य बुनियादी समस्याओं की गूंज-
किसान नेता अक्षु त्यागी ने अधिकारियों की गंभीरता पर सवाल उठाते हुए कहा कि किसान दिवस महज एक औपचारिकता बनकर रह गया है। वहीं, सुमित कुमार और हेमेंद्र सिंह ने पुरबालियान में चल रही चकबंदी प्रक्रिया में अनियमितताओं का मुद्दा उठाया।
प्रशासनिक निर्देश-
एडीएम प्रशासन संजय कुमार सिंह ने किसानों की शिकायतों को सुनते हुए संबंधित विभागों को सख्त निर्देश दिए:
विद्युत विभाग: ट्रांसफार्मर और कनेक्शन फीस के नियमों की समीक्षा कर किसानों को राहत देने के निर्देश।
लोक निर्माण विभाग: सड़कों के निर्माण में गुणवत्ता सुनिश्चित करने को कहा।
खंड विकास अधिकारी: गांवों में तालाबों की सफाई और शिकायतों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करें।
इस बैठक का संचालन उप निदेशक कृषि प्रमोद कुमार सिरोही ने किया।










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