मुजफ्फरनगर। समाजवादी पार्टी (सपा) के सांसद हरेंद्र मलिक ने फेसबुक पर सक्रिय विवादित पेज “माई एमपी मुजफ्फरनगर” के खिलाफ साइबर क्राइम थाने में गंभीर शिकायत दर्ज कराई है। सांसद ने आरोप लगाया है कि यह पेज फर्जी आईडी के जरिए उनकी छवि को नुकसान पहुंचाने का सुनियोजित प्रयास कर रहा है, जिससे उन्हें जनता और मतदाताओं के बीच असहज स्थिति का सामना करना पड़ रहा है।
हरेंद्र मलिक ने अपनी शिकायत में कहा कि सोशल मीडिया पर लंबे समय से उन्हें निशाना बनाया जा रहा था, लेकिन वह अब तक इस मामले में कानूनी कार्रवाई से बचते रहे। हालांकि हाल के दिनों में इस फेसबुक पेज द्वारा की गई टिप्पणियों की विवादास्पद और भ्रामक प्रकृति ने उन्हें मजबूर कर दिया कि वे औपचारिक रूप से पुलिस में शिकायत दर्ज कराएं।
उन्होंने यह भी कहा कि यह पेज बार-बार उनके खिलाफ झूठी खबरें, आपत्तिजनक भाषा और व्यक्तिगत आरोप प्रसारित कर रहा था, जिससे उनकी राजनीतिक छवि धूमिल हो रही थी।
शिकायत प्राप्त होने के बाद साइबर क्राइम थाना प्रभारी ने इस मामले की गहनता से जांच शुरू की। इसके तहत शहर कोतवाली पुलिस ने फेसबुक पेज के अज्ञात संचालक के खिलाफ FIR दर्ज कर ली है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस पेज को कौन संचालित कर रहा है और इसके पीछे किसका इशारा है।
साइबर सेल की एक टीम पेज से जुड़े डिजिटल ट्रेस, आईपी एड्रेस और संबंधित तकनीकी डेटा की जांच कर रही है ताकि दोषियों तक पहुंचा जा सके।
गौरतलब है कि हरेंद्र मलिक 2024 के लोकसभा चुनाव में भाजपा के कद्दावर नेता और तत्कालीन केंद्रीय राज्यमंत्री संजीव बालियान को हराकर संसद पहुंचे थे। उनकी जीत को विपक्षी राजनीति में एक बड़ी कामयाबी माना गया था। तभी से वे सोशल मीडिया पर लगातार ट्रोल और हमलों का सामना कर रहे हैं।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह पूरा मामला केवल व्यक्तिगत नहीं बल्कि राजनीतिक षड्यंत्र का हिस्सा हो सकता है, जिसका उद्देश्य क्षेत्रीय राजनीति में सपा सांसद की लोकप्रियता को नुकसान पहुंचाना है।
विशेषज्ञों के अनुसार, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर किसी भी व्यक्ति या जनप्रतिनिधि की छवि बिगाड़ने के लिए फर्जी आईडी या पेज का प्रयोग आईटी एक्ट की धारा 66A, 67 और भारतीय दंड संहिता की धारा 500 (मानहानि) के अंतर्गत दंडनीय अपराध है। इस तरह के मामलों में दोष सिद्ध होने पर जुर्माना और जेल दोनों की सजा हो सकती है।
फिलहाल पुलिस जांच जारी है, और उम्मीद की जा रही है कि जल्द ही पेज के पीछे छिपे चेहरे को बेनकाब किया जाएगा।










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