मुजफ्फरनगर। नगर पालिका ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में शहर के विकास का खाका खींचते हुए 248 करोड़ रुपये की आय का बजट तैयार किया है। इस वित्तीय वर्ष में शहर के विकास, संसाधन और वेतन आदि मद पर 429 करोड़ रुपये के खर्च का अनुमान है। इसके बावजूद पालिका खजाने में 51 करोड़ रुपये की धनराशि अवशेष रह जाएगी। चेयरपर्सन ने 51 करोड़ रुपये लाभ के अनुमानित बजट को सदन में प्रस्तुत करने को हरी झंडी दे दी है। सात मार्च की बजट बैठक तय करते हुए सभासदों को एजेंडा जारी कर दिया गया है।
नगर पालिका वित्तीय वर्ष 2025-26 में 248 करोड़ रुपये का बजट लेकर आई है। पालिका के कोष में 231 करोड़ रुपये से ज्यादा की राशि अवशेष है, जबकि आने वाले साल में पालिका ने 248 करोड़ से अधिक विभिन्न मदों से जुटाने का अनुमान लगाया है। ऐसे में पालिका इस वित्तीय वर्ष तक 480 करोड़ रुपये से ज्यादा का खजाना अपने पास संजोएगी।
इसमें 429 करोड़ से ज्यादा की राशि विकास कार्यों के साथ ही वेतन, संसाधन और दूसरे मदों पर खर्च होगी। पालिका ईओ डॉ. प्रज्ञा सिंह ने बताया कि चेयरपर्सन मीनाक्षी स्वरूप के आदेशानुसार वित्तीय वर्ष 2025-26 का अनुमानित मूल बजट पारित कराने के लिए एजेंडा जारी कर दिया गया है। इसमें केवल दो प्रस्ताव गत कार्यवाही की पुष्टि और विशेष प्रस्ताव में अनुमानित मूल बजट ही शामिल किया गया है।
पालिका ईओ ने बताया कि इस साल वह कूड़े से कमाई की अपनी कार्ययोजना को और विस्तार देगी तो वहीं इसी साल पालिका का वेस्ट टू एनर्जी प्लांट शुरू हो जाएगा। लीगेसी वेस्ट का निस्तारण भी शुरू कराया जाएगा। साथ ही पालिका प्रतिदिन शहर से निकलने वाले फ्रेश वेस्ट के सेग्रीकेशन के लिए भी अपनी मशीनों को लगाकर आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ेगी। कूड़ा डलाव घरों की स्थिति को सुधारने, सफाई व्यवस्था के लिए मैन पॉवर को बढ़ाने, पेयजलापूर्ति में सुधार के लिए पाइप लाइन डालने और नये नलकूपों का निर्माण कराये जाने के साथ-साथ शहर में पथ प्रकाश की व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के लिए भी पालिका बड़ा खर्च करने जा रही है।











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