मुजफ्फरनगर। खोखा प्रकरण में पीड़िता के परिवार पर मुकदमा वापस लेने का दबाव बनाने को लेकर सिखेड़ा थाना प्रभारी विनोद कुमार सिंह की मुश्किलें बढ़ गई हैं। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) कोर्ट, मुजफ्फरनगर ने थाना प्रभारी को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।
पीड़िता सायरा ने अपने अधिवक्ता सचिन धीमान के माध्यम से न्यायालय में प्रार्थना पत्र दाखिल कर बताया कि 13 जुलाई को थाना प्रभारी पुलिस बल के साथ उनके घर पहुंचे और उनके पुत्र साहिल को जबरन थाने ले जाने का प्रयास किया। विरोध करने पर पीड़िता के पति यूसुफ ने वीडियो रिकॉर्डिंग कर घटना को दर्ज किया, जिसके बाद पुलिस वहां से लौट गई।
पीड़िता ने न्यायालय में फोटो और वीडियो समेत अन्य साक्ष्य भी प्रस्तुत किए हैं। उनका कहना है कि फोन कॉल्स के जरिए भी केस वापस लेने का दबाव बनाया जा रहा है और शपथ पत्र देने की धमकी दी गई है। उन्होंने इन कॉल्स की रिकॉर्डिंग भी अदालत को सौंपी है।
इससे पहले एक अन्य वाद संख्या 541/11, वर्ष 2025 — यूसुफ बनाम विनोद कुमार सिंह में थानाध्यक्ष पर खोखे में लूटपाट और छेड़छाड़ का गंभीर आरोप है। इस केस में कई अन्य पुलिसकर्मियों के अलावा नायब तहसीलदार और लेखपाल को भी आरोपी बनाया गया है।
सीजेएम कोर्ट ने 15 जुलाई को मामले की गंभीरता को देखते हुए थाना प्रभारी और अन्य पुलिसकर्मियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। साथ ही, पूरे मामले की रिपोर्ट वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को भेजी गई है।
सीओ नई मंडी रुपाली राव की जांच रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि घटना दोपहर साढ़े तीन बजे हुई, जबकि थानाध्यक्ष ने जीडी में अपनी रवाना होने की समयावधि साढ़े चार बजे दर्ज कराई है। यह विरोधाभास भी अदालत के समक्ष प्रस्तुत किया गया है।
पीड़िता ने न्यायालय से गुहार लगाई है कि विपक्षियों को उनके घर आकर दबाव बनाने या जांच के नाम पर परेशान करने से रोका जाए और उनकी आपत्ति दाखिल करने का अधिकार समाप्त किया जाए, चूंकि उन्होंने आपत्ति नहीं दाखिल की है।यह मामला अब न्यायिक प्रक्रिया के अगले चरण में है और जिले भर की निगाहें आने वाले फैसले पर टिकी हैं।










Discussion about this post