मुजफ्फरनगर। उत्तर प्रदेश की स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने मेरठ में एक सटीक कार्रवाई करते हुए 12 साल से फरार कुख्यात अपराधी हरीश ब्रह्मपाल को गिरफ्तार कर लिया है। एसटीएफ ने यह गिरफ्तारी भैंसाली बस स्टैंड के पास से की, जहाँ हरीश छिपकर पहुँचा था।
हरीश ब्रह्मपाल, उम्र 45 वर्ष, 2 लाख रुपये का इनामी अपराधी था और उसके खिलाफ 34 से अधिक संगीन आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। इनमें हत्या, लूट, रंगदारी, अपहरण और गैंगस्टर एक्ट की धाराएं शामिल हैं। यह अपराधी मुजफ्फरनगर, बागपत और शामली जैसे पश्चिमी उत्तर प्रदेश के संवेदनशील जिलों में आतंक का पर्याय बन चुका था।
STF मेरठ यूनिट के प्रभारी बृजेश सिंह ने बताया कि हरीश पिछले कई वर्षों से पंजाब के पटियाला में अपने परिवार के साथ रह रहा था और एक किराना दुकान पर मजदूरी कर पहचान छिपाए हुए था। STF को विश्वसनीय सूत्रों से सूचना मिली कि हरीश मेरठ के भैंसाली बस स्टैंड के पास मौजूद है। टीम ने तत्परता से कार्रवाई करते हुए उसे मौके पर ही दबोच लिया।
पूछताछ में हरीश ने बताया कि उसका अपराध का सफर वर्ष 1992 में शुरू हुआ था, जब एक पारिवारिक रंजिश ने खूनी संघर्ष का रूप ले लिया। इसके बाद उसने अपने भाई सतीश और अन्य साथियों के साथ मिलकर हत्या, लूट और अपहरण की वारदातों को अंजाम देना शुरू किया।
हरीश के खिलाफ 14 मुकदमे हत्या और आर्म्स एक्ट के अंतर्गत दर्ज हैं। उसके आपराधिक नेटवर्क की जड़ें यूपी के कई जिलों तक फैली थीं और उसकी गिरफ्तारी से STF को राहत मिली है।
इस गिरफ्तारी को STF की एक बड़ी कामयाबी के रूप में देखा जा रहा है, जिससे क्षेत्र में सक्रिय संगठित अपराधियों और गैंगों को एक कड़ा संदेश गया है कि अब कानून से बचना आसान नहीं।










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