मुज़फ़्फ़रनगर : झिंझाना थाना क्षेत्र के गांव में किशोरी का अपहरण करने के बाद गलत काम किया गया था। पुलिस ने नाबालिग मुख्य आरोपी समेत चार के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी। चौथे एवं मुख्य आरोपी के खिलाफ किशोर न्यायालय में सुनवाई चल रही है।
करीब 10 साल पहले शामली के झिंझाना थाना क्षेत्र के गांव में खेत से किशोरी का अपहरण करने के बाद सामूहिक दुष्कर्म करने वाले तीन दोषियों को 20-20 साल कारावास की सजा सुनाई गई। अपर सत्र न्यायालय/विशेष न्यायालय पॉक्सो एक्ट की पीठासीन अधिकारी मंजुला भालोटिया ने फैसला सुनाया। मुख्य आरोपी की पत्रावली पर किशोर न्यायालय में सुनवाई चल रही है।
झिंझाना थाना क्षेत्र के गांव में किशोरी 25 मई 2015 को अपनी मां के साथ खेत पर काम करने गई थी। खेत से चार आरोपियों ने किशोरी का अपहरण कर लिया। पीड़ित पक्ष की ओर से गांव के ही आरोपी किशोर को नामजद और चार अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया।
पीड़िता को बरामद कर परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया। पुलिस ने मामले की जांच के बाद आरोपी किशोर के अलावा सहारनपुर के सरनावली निवासी सचिन शर्मा व रजनीश, तीतरो निवासी सुमित के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया।
प्रकरण की सुनवाई अपर सत्र न्यायालय/विशेष न्यायालय पॉक्सो एक्ट में हुई। सहारनपुर जिले के तीनों आरोपियों पर दोष सिद्ध हुआ। अदालत ने तीनों को 20-20 साल का कारावास और 10-10 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई। मुख्य आरोपी नाबालिग होने के कारण पत्रावली पर किशोर न्यायालय में सुनवाई चल रही है।











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