मुजफ्फरनगर। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम अब सिर्फ मनोरंजन और लोकप्रियता के लिए ही नहीं, बल्कि अपराधियों का नया अड्डा बनकर उभर रहा है। शाहपुर थाना पुलिस ने एक ऐसे गिरोह का भंडाफोड़ किया है, जो इंस्टाग्राम पर अवैध हथियारों की रील बनाकर न सिर्फ लोगों को डराता था, बल्कि इन रील के जरिए हथियारों की तस्करी भी करता था।
पुलिस ने इस मामले में तीन आरोपियों – प्रणव, अनस और एक नाबालिग (बाल अपराधी) को गिरफ्तार किया है। ये आरोपी उत्तराखंड के हरिद्वार जिले के रहने वाले हैं और उत्तर प्रदेश व उत्तराखंड के विभिन्न जिलों में डिमांड के आधार पर अवैध हथियारों की सप्लाई करते थे। पूछताछ में आरोपियों ने कबूल किया कि वे सस्ते दामों पर हथियार खरीदते और इंस्टाग्राम व अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर उनकी तस्वीरें और वीडियो पोस्ट कर महंगे दामों में बेचते थे।
शाहपुर पुलिस ने आरोपियों के पास से 3 इंडियन मेड पिस्टल, 7 देशी तमंचे, दर्जनभर जिंदा कारतूस, मोबाइल फोन, आईफोन और हथियार रखने वाले बेल्ट बरामद किए हैं। पुलिस के अनुसार, इस गिरोह ने टोल प्लाजा पर फायरिंग जैसी घटनाओं को अंजाम भी दिया था।
एसएसपी संजय कुमार वर्मा ने प्रेस वार्ता में बताया कि ऑपरेशन सवेरा के तहत जिले में हथियार तस्करों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। बीते डेढ़ महीने में पुलिस ने 57 अवैध हथियार बरामद किए हैं और दर्जनों तस्करों को गिरफ्तार किया है। उन्होंने बताया कि 32 बोर, 12 बोर और 315 बोर के असले, जिंदा कारतूस, खाली खोखे, कट्टूज बेल्ट और मोबाइल जैसे कई सबूत बरामद किए गए हैं।
नाबालिग आरोपी के इंस्टाग्राम अकाउंट की जांच में कई हथियारों और कारतूसों की तस्वीरें मिली हैं। इसके अलावा, पुलिस के प्रति आपत्तिजनक टिप्पणियां भी सामने आईं। पुलिस अब उत्तराखंड पुलिस के साथ समन्वय बनाकर पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही है। जांच में यह भी सामने आया है कि नाबालिग आरोपी के परिवार में कोई सदस्य पुलिस विभाग से जुड़ा हो सकता है, जिसकी भी विस्तृत जांच की जा रही है।
एसएसपी ने आम जनता से अपील की कि यदि किसी के पास लाइसेंसी हथियार हैं तो उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करें और कारतूसों का दुरुपयोग न होने दें, क्योंकि अवैध कार्यों में इन्हीं का इस्तेमाल होता है। मुजफ्फरनगर पुलिस की यह कार्रवाई अवैध हथियारों की तस्करी पर लगाम लगाने की दिशा में एक बड़ी सफलता मानी जा रही है। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर गैंग के अन्य सदस्यों और नेटवर्क के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है।
इस सफल ऑपरेशन में शाहपुर पुलिस टीम के थानाध्यक्ष मोहित चौधरी, उपनिरीक्षक विकास कुमार, हेडकांस्टेबल रोहताश, प्रेमचंद्र शर्मा, कांस्टेबल मोहम्मद अलीम, प्रशांत सिरोही और दीपक कुमार शामिल थे। पत्रकार वार्ता में सीओ भोपा देवव्रत वाजपेयी प्रमुख रूप से मौजूद रहे। एसएसपी संजय कुमार वर्मा ने पुलिस टीम को 20 हजार रुपये का पुरस्कार देने की घोषणा की।










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