मुज़फ़्फ़रनगर : मीरापुर के मुझेड़ा टोल प्लाजा पर शुक्रवार को उस समय हंगामे की स्थिति बन गई जब भारतीय किसान यूनियन संघर्ष मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश चौधरी और प्रवक्ता अखलाक कुरैशी के नेतृत्व में सैकड़ों किसान और स्थानीय लोग टोल पर जुटे और धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया। किसानों की प्रमुख मांग थी कि टोल क्षेत्र के गांवों के लोगों को टोल शुल्क से मुक्त किया जाए क्योंकि वे रोजमर्रा के कार्यों के लिए अपने निजी वाहनों से इस मार्ग का उपयोग करते हैं।
पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, किसान यूनियन के कार्यकर्ता सुबह मुझेड़ा टोल प्लाजा पहुंचे और शांतिपूर्वक तरीके से दरी बिछाकर धरना आरंभ कर दिया। किसानों का कहना था कि आसपास के कस्बों और गांवों के लोग टोल से होकर बार-बार आते-जाते हैं, ऐसे में हर बार टोल देना उनके लिए भारी आर्थिक बोझ है। प्रदर्शन के दौरान यूनियन कार्यकर्ताओं ने वाहनों को बिना टोल शुल्क दिए निकलवाना शुरू कर दिया, जिससे थोड़े समय के लिए टोल पूरी तरह फ्री हो गया।
स्थिति की गंभीरता को भांपते हुए टोल प्रबंधन हरकत में आया और टोल मैनेजर आकाश चौधरी स्वयं मौके पर पहुंचे। किसानों के साथ बातचीत के बाद उन्होंने एक बड़ा फैसला लिया। उन्होंने घोषणा की कि टोल प्लाजा से 6 किलोमीटर के दायरे में आने वाले सभी गांवों व कस्बों के स्थायी निवासियों को टोल शुल्क से राहत दी जाएगी — लेकिन यह छूट केवल सफेद नंबर प्लेट वाले निजी वाहनों के लिए ही मान्य होगी। साथ ही, छूट का लाभ लेने के लिए आधार कार्ड द्वारा स्थायी निवास प्रमाणित करना होगा।
इस निर्णय के बाद किसानों ने अपना धरना समाप्त कर दिया। यूनियन अध्यक्ष अखिलेश चौधरी ने कहा कि यह जीत केवल किसान यूनियन की नहीं बल्कि पूरे क्षेत्र की है। उन्होंने राज्य सरकार से अपील की कि वह किसानों की समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर हल करे।
धरने में शामिल प्रमुख लोगों में नगर पंचायत मीरापुर अध्यक्ष जमील अहमद, इश्तियाक प्रधान, कादिर पूर्व प्रधान, रिहान प्रधान, अजीम जैदी, निक्की चौधरी, आशु, बबली, मुस्तकीम, फरमान और अरशद आदि शामिल रहे।











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