मुज़फ्फरनगर। पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में हाल ही में हुई हिंसक घटनाओं के विरोध में विश्व हिंदू परिषद ने शनिवार को आर्य समाज रोड स्थित आर्य समाज मंदिर में एक बैठक का आयोजन किया। इसके बाद हिंदू संगठनों के कार्यकर्ता पैदल मार्च करते हुए कलेक्ट्रेट परिसर पहुँचे और वहां एसडीएम अपूर्वा यादव को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन में आरोप लगाया गया कि वक्फ कानून के विरोध की आड़ में पश्चिम बंगाल में हिंसा भड़काई जा रही है, और हिंदू समाज को प्रताड़ित किया जा रहा है। वक्ताओं ने कहा कि राज्य में राष्ट्रविरोधी और हिंदू विरोधी तत्वों को खुली छूट मिली हुई है।
स्वामी यशवीर महाराज, बघरा योग साधना केंद्र के संस्थापक, ने कहा कि पश्चिम बंगाल की ममता बनर्जी सरकार को बर्खास्त कर वहां राष्ट्रपति शासन लागू किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि, “हिंदू समाज अब जागरूक हो गया है और आवश्यकता पड़ने पर अपने आत्म-सम्मान की रक्षा के लिए तैयार है।” उन्होंने कथित तौर पर कहा कि “ये लोग सिर्फ ताकत की भाषा समझते हैं,” और इसके लिए उन्होंने इज़राइल के रुख की तुलना की।
हिंदूवादी नेता नरेंद्र पंवार ने मीडिया से बातचीत में पश्चिम बंगाल सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि, “राज्य में एक विशेष वर्ग को हिंसा के लिए उकसाया जा रहा है। यदि कुछ समय के लिए राज्य की जिम्मेदारी उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को दी जाए, तो वहां की स्थिति को नियंत्रित किया जा सकता है।”
उन्होंने कहा कि यदि उत्तर प्रदेश या मुज़फ्फरनगर में कोई वक्फ कानून के विरोध में हिंसा फैलाने की कोशिश करता है, तो स्थानीय समाज उसका विरोध करेगा। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि किसी भी प्रकार की अराजकता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।










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