मुजफ्फरनगर। मीरापुर कस्बे में एक हृदयविदारक हादसा सामने आया है। मोहल्ला कबूलपुरा में गैस गीजर से निकली जहरीली गैस की चपेट में आने से 27 वर्षीय युवती की दम घुटने से दर्दनाक मौत हो गई। इस घटना से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर है।
बाथरूम का दरवाजा तोड़ा तो फर्श पर पड़ी थी श्रुति-
प्राप्त जानकारी के अनुसार, किराना व्यापारी मनीष अग्रवाल की पुत्री श्रुति उर्फ चिंकी (27) बुधवार दोपहर करीब एक बजे नहाने के लिए बाथरूम में गई थी। काफी देर तक बाहर न आने पर जब मां नेहा अग्रवाल ने आवाज दी, तो अंदर से कोई जवाब नहीं मिला। अनहोनी की आशंका होने पर पिता ने दरवाजा तोड़ा, तो श्रुति फर्श पर अचेत अवस्था में पड़ी मिली। आनन-फानन में चिकित्सक को बुलाया गया, जिन्होंने उसे मृत घोषित कर दिया।
गीजर की गैस से घुट गया दम-
स्थानीय चिकित्सक और परिजनों के अनुसार, बाथरूम में लगा गैस गीजर मौत का कारण बना। बाथरूम छोटा होने और वेंटिलेशन (हवा निकासी) की कमी के कारण गीजर से निकली गैस (कार्बन मोनोऑक्साइड) बाथरूम में भर गई, जिससे श्रुति का दम घुट गया। परिजनों ने बताया कि जब दरवाजा तोड़ा गया, तब अंदर गैस का भारी दबाव महसूस किया गया।
गैस गीजर का उपयोग करते समय बरतें ये सावधानियां-
सर्दियों के मौसम में गैस गीजर का इस्तेमाल बढ़ जाता है, लेकिन थोड़ी सी लापरवाही जानलेवा साबित हो सकती है। विशेषज्ञों ने निम्नलिखित बचाव के उपाय सुझाए हैं:
बचाव के तरीके-
गीजर की फिटिंग: यदि संभव हो, तो गैस गीजर को बाथरूम के बाहर लगवाएं और पाइप के जरिए गर्म पानी अंदर लाएं।
वेंटिलेशन: यदि गीजर अंदर है, तो बाथरूम में खिड़की या एग्जॉस्ट फैन का होना अनिवार्य है ताकि जहरीली गैस बाहर निकल सके।
बाल्टी पहले भरें: बाथरूम में प्रवेश करने से पहले ही गीजर चलाकर पानी भर लें और नहाते समय गीजर बंद रखें।
समय सीमा: गैस गीजर को एक बार में 5 मिनट से ज्यादा न चलाएं।
हादसा होने पर क्या करें?
बेहोश व्यक्ति को तुरंत खुली और ताजी हवा में ले जाएं।
व्यक्ति को सीधा लिटाने के बजाय एक करवट में लिटाएं ताकि सांस लेने में आसानी हो।
बेहोशी की हालत में व्यक्ति को कुछ भी पीने के लिए न दें।
बिना देरी किए तत्काल एम्बुलेंस बुलाएं और अस्पताल ले जाएं।










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