मुजफ्फरनगर। मुजफ्फरनगर शहर को स्मार्ट सिटी बनाने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मौखिक मंजूरी दे दी है। सहारनपुर में आयोजित मंडलीय कार्ययोजना समीक्षा बैठक में प्रदेश सरकार के स्वतंत्र प्रभार राज्य मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने यह प्रस्ताव मुख्यमंत्री के समक्ष रखा, जिसे उन्होंने सहर्ष स्वीकार कर लिया। मुख्यमंत्री ने इस संबंध में अधिकारियों को “इंटीग्रेटेड डेवलपमेंट प्लान” (IDP) तैयार करने के निर्देश दिए हैं।
मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने बताया कि शहर की तेजी से बढ़ती जनसंख्या और सीमावृद्धि को देखते हुए एक सुनियोजित और आधुनिक विकास योजना की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि नगर पालिका क्षेत्र की आबादी अब 6 लाख के पार पहुंच चुकी है और ऐसे में जल निकासी, बिजली, ट्रैफिक और व्यापारिक सुविधाओं के उन्नयन की मांग समय की जरूरत बन गई है।
उन्होंने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि IDP के अंतर्गत ड्रेनेज और सीवरेज सिस्टम का पुनर्गठन, नगर क्षेत्र में अंडरग्राउंड केबलिंग, एनएच-58 पर नया बस अड्डा, मल्टीलेयर कॉम्प्लेक्स का निर्माण और शामली रोड का चौड़ीकरण जैसे बिंदुओं को प्राथमिकता से शामिल किया जाए।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंत्री के प्रस्ताव का समर्थन करते हुए कहा कि मुजफ्फरनगर को एक आदर्श नगर के रूप में विकसित किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य सरकार की प्राथमिकता है कि प्रत्येक नगर नागरिकों के लिए रहने योग्य हो और जीवन की गुणवत्ता के हर मापदंड पर खरा उतरे।
मुख्यमंत्री ने नगर विकास, पर्यटन, और लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि नगर पालिका क्षेत्र के समग्र और दीर्घकालिक विकास के लिए विस्तृत कार्ययोजना तैयार करें। यह योजना मुजफ्फरनगर को पश्चिमी उत्तर प्रदेश के एक स्मार्ट और आत्मनिर्भर नगर के रूप में स्थापित करेगी।
इस बैठक में मंत्री अनिल कुमार, राज्य मंत्री बृजेश पुंडीर, राज्य मंत्री जसवंत सैनी, कई विधायक, एमएलसी और विभागीय अधिकारी भी उपस्थित रहे।










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