मुजफ्फरनगर। मुजफ्फरनगर ज़िले की मंसूरपुर पुलिस को एक बड़ी कामयाबी मिली है। मुनव्वरपुर गाँव में 2011 में हुई एक हत्या के मामले में अदालत ने चार अभियुक्तों को आजीवन कारावास और ₹9,000 के जुर्माने की सज़ा सुनाई है। यह सज़ा मुज़फ़्फ़रनगर पुलिस की प्रभावी जाँच और अभियोजन पक्ष की मज़बूत पैरवी के चलते संभव हो पाई।
घटना 13 दिसंबर 2011 की है, जब वादी धूम सिंह के घर में घुसकर अभियुक्तों ने लाठी-डंडों और धारदार हथियारों से हमला किया था, जिसमें उनके भाई की मौत हो गई थी। इस मामले में सुधीर, महेन्द्र, अतुल उर्फ टिंकल, जगबीर और गीता के खिलाफ धारा 148, 323, 149, 452, 302 भादवि के तहत थाना मंसूरपुर में मुकदमा दर्ज किया गया था।
मंसूरपुर पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए सभी अभियुक्तों को जल्द ही गिरफ्तार कर 8 जनवरी 2012 को आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल कर दिया था। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय कुमार वर्मा, क्षेत्राधिकारी खतौली और थाना प्रभारी मंसूरपुर के नेतृत्व में मुकदमे की बारीकी से विवेचना हुई और गवाहों को समय पर कोर्ट में पेश किया गया।
मामले में अपर जिला शासकीय अधिवक्ता अरुण कुमार जावला, कोर्ट पैरोकार उप निरीक्षक ओमवीर सिंह और आरक्षी आशीष कुमार ने प्रभावशाली ढंग से पैरवी की, जिसके चलते 04 अगस्त 2025 को माननीय एडीजे/एफटीसी-2 न्यायाधीश श्रीमती नेहा शर्मा की अदालत ने चार अभियुक्तों को दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
इस फैसले के बाद जिले में पुलिस की निष्पक्षता और न्याय दिलाने की प्रतिबद्धता की सराहना हो रही है। पुलिस की इस प्रोफेशनल कार्यशैली से आम जनता में कानून व्यवस्था के प्रति विश्वास और अधिक मजबूत हुआ है।










Discussion about this post