मुजफ्फरनगर। शहर की ऐतिहासिक और पौराणिक धरोहर मानी जाने वाली मोती झील के सुंदरीकरण और संरक्षण के लिए जिला प्रशासन ने बड़े पैमाने पर तैयारियां शुरू कर दी हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आगामी प्रस्तावित दौरे को देखते हुए प्रशासन इस ड्रीम प्रोजेक्ट को उनके सामने पेश करने जा रहा है। इसके लिए मोती झील के इतिहास, पौराणिकता, धार्मिकता और रहस्यमय पहलुओं से जुड़ी जानकारियों को संकलित कर एक डॉक्यूमेंट्री फिल्म तैयार की जा रही है।
जिलाधिकारी उमेश मिश्रा के निर्देश पर अधिकारियों की टीम इस प्रोजेक्ट पर काम में जुटी है। बताया गया कि आगामी 11 जून को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के शुकतीर्थ दौरे के दौरान यह डाक्युमेंट्री उन्हें दिखाई जाएगी। मोती झील को नगर के एक प्रमुख पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने का प्रयास है, जिसके तहत सौंदर्यीकरण, पहुंच मार्ग, समतलीकरण और संरचना निर्माण जैसे कार्य किए जा रहे हैं।
बुधवार को नगर पालिका और सिंचाई विभाग के अधिकारियों के साथ प्रोजेक्ट के नोडल अधिकारी एडीएम (वित्त एवं राजस्व) गजेन्द्र सिंह ने स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों को दिशा-निर्देश देते हुए कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। नगर पालिका ईओ डॉ. प्रज्ञा सिंह ने बताया कि पालिका की ओर से समतलीकरण का कार्य स्वास्थ्य और निर्माण विभाग की टीमों के सहयोग से किया जा रहा है। साथ ही झील तक पहुंचने के लिए सड़क निर्माण और अन्य बुनियादी कार्य भी किए जा रहे हैं।
नगर पालिका ने सरकारी भूमि का चिन्हीकरण शुरू कर दिया है, और चिन्हीकरण के दौरान भूमि पर पिलर गाड़ने की प्रक्रिया भी शुरू हो चुकी है। सिंचाई विभाग को झील के चारों ओर तीन फुट ऊंचा बांध बनाने का जिम्मा सौंपा गया है, जिसके लिए राजस्व विभाग से भूमि चिन्हीकरण कराया जा रहा है।
नगर पालिका बोर्ड बैठक में इस प्रोजेक्ट के लिए करीब 10 लाख रुपये का बजट भी स्वीकृत किया गया है। जिला प्रशासन की कोशिश है कि मोती झील को धार्मिक, ऐतिहासिक और पर्यटन की दृष्टि से एक महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में विकसित किया जाए और मुख्यमंत्री के समक्ष इसकी व्यापक रूपरेखा प्रस्तुत की जाए।










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