मुजफ्फरनगर। प्रदेश के नगरीय निकायों में पदों के मानकीकरण के प्रयोजन के लिए शासन स्तर पर जनसंख्या के वर्तमान प्रक्षेपण को आधार माना गया है, जिसके आधार पर शासन की ओर से नगर पालिका मुजफ्फरनगर को प्रथम श्रेणी में रखा गया है जबकि खतौली पालिका को तृतीय श्रेणी में रखा गया है। हालांकि नगर पालिका लोनी ओर मऊ भी इसी श्रेणी में हैं।
तीव्र गति से बढ़ती जनसंख्या और नगरीकरण ने निकायों की संरचना, उपलब्धता, जनशक्ति और साधनों को व्यापक रूप से प्रभावित किया है। नगरीय निकायों में बढ़ती जनसंख्या के साथ गुणवत्तापूर्ण जनसुविधाओं एवं सेवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए प्रदेश के नगरीय निकायों को प्रशासनिक सुविधा की दृष्टि से जनसंख्या के आधार पर तीन श्रेणियों में विभाजित कर पुनरीक्षण एवं पुनर्गठन किया जा रहा है।
प्रमुख सचिव गुरु प्रसाद की ओर से पत्र जारी कर नगर पालिका परिषद मुजफ्फरनगर को तीन लाख की जनसंख्या श्रेणी के आधार पर प्रथम श्रेणी में रखा गया है। प्रदेश की लोनी और मऊ नगर पालिका भी प्रथम श्रेणी में ही रखी गई हैं जबकि जनसंख्या के आधार पर जनपद की खतौली नगर पालिका तृतीय श्रेणी में रखी गई है। पालिका ईओ डॉ.प्रज्ञा सिंह ने बताया कि शासन की ओर से जारी आदेश के आधार पर पालिका को प्रथम श्रेणी मेंं रखा गया है।










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