मंसूरपुर। एक सप्ताह पहले मंसूरपुर थाने की हवालात में जहर खाने वाले रामकिशोर की उपचार के दौरान मौत हो गई। गांव नोना निवासी रामकिशोर, उसके परिवार के कई लोगों के 10 वर्ष पूर्व दो पक्षों में हुए झगड़े में कोर्ट से वारंट हो गए थे। पुलिस कई बार रामकिशोर के घर जा चुकी थी। रामकिशोर 23 फरवरी रविवार को थाने में वारंट के बारे में पूछताछ करने के लिए गए। यहां पुलिस ने उसे वारंटी होने पर हवालात में बैठा दिया। कुछ देर बाद उसके परिजन भी उससे मिलने आ गए। हवालात में जहरीले पदार्थ का सेवन करने से रामकिशोर की हालत बिगड़ गई, जिसे तुरंत बेगराजपुर मेडिकल में भर्ती कराया गया।
आठ दिन उपचार चलने के बाद रविवार को उसकी मौत हो गई। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। थाना पुलिस का कहना है कि मुजफ्फरनगर और मेरठ से महंगी दवाई मंगवाकर इलाज कराया, लेकिन रामकिशोर को नहीं बचाया जा सका। हवालात में जहरीला पदार्थ खाने वाले वारंटी रामकिशोर की उपचार के दौरान बेगराजपुर मेडिकल में मौत हो गई।











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