मुजफ्फरनगर। छपार टोल प्लाजा के उपप्रबंधक अरविंद पांडे के अपहरण और हत्या के सनसनीखेज मामले में आरोपी राजन को न्यायालय से कोई राहत नहीं मिली है। जिला सत्र न्यायाधीश वीरेंद्र कुमार सिंह की अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपी की जमानत अर्जी खारिज कर दी है।
अभियोजन पक्ष की प्रभावी पैरवी-
शुक्रवार को जमानत अर्जी पर सुनवाई के दौरान, अभियोजन पक्ष की ओर से जिला शासकीय अधिवक्ता राजीव कुमार शर्मा ने ज़ोरदार पैरवी करते हुए जमानत का कड़ा विरोध किया।
न्यायालय ने पत्रावली का अवलोकन और दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद यह टिप्पणी की कि आरोपी पर लगाए गए आरोप अत्यंत गंभीर प्रकृति के हैं। ऐसे संगीन मामले में जमानत अर्जी स्वीकार करना न्यायसंगत नहीं होगा।
यह था मामला-
यह घटना 19 सितंबर, 2025 को हुई थी। हमलावरों ने छपार टोल प्लाजा के पास एक कमरे में प्रबंधक मुकेश चौहान के साथ मारपीट की थी और उपप्रबंधक अरविंद पांडे का अपहरण कर लिया था। बाद में उनकी हत्या कर दी गई और उनका शव मेरठ स्थित जानी नहर से बरामद हुआ था। पुलिस ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था।










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