नई दिल्ली: गौतम गंभीर को भारतीय क्रिकेट टीम का कोच बने आठ महीने हो चुके हैं. इस दौरान टीम इंडिया ने कुछ दिल तोड़ने वाली हार देखी है और चैंपियंस ट्रॉफी भी जीती है. कह सकते हैं कि गंभीर ने कोच बनते ही दोनों ही तरह की परिस्थितियां देखी हैं जिसमें चैंपियन बनना और घर में वाइटवॉश से लेकर ऑस्ट्रेलिया में हार तक शामिल है.
चैंपियंस ट्रॉफी की जीत के बाद गौतम गंभीर को तकरीबन 3 महीने की छुट्टी मिल गई है. अब जून में जब वे टीम से जुड़ेंगे तो सामने इंग्लैंड की बड़ी चुनौती होगी. यह सीरीज आईपीएल के बाद होगी. गंभीर की दूसरी बड़ी चुनौती भारत और श्रीलंका में 2026 में होने वाला टी20 विश्व कप होगा जहां सूर्यकुमार यादव की टीम अपना खिताब बचाने उतरेगी. इसके बाद सबसे बड़ी चुनौती दक्षिण अफ्रीका में होने वाला 2027 का वनडे वर्ल्ड कप होगा.
अगर गौतम गंभीर की कोचिंग को अलग-अलग प्रारूप में देखा जाए तो उन्होंने सूर्या की अगुआई में टी20 टीम के लिए कोर खिलाड़ियों के समूह को पहले ही तैयार कर लिया है. रोहित शर्मा, विराट कोहली और रवींद्र जडेजा के छोटे प्रारूप से बाहर होने के बाद भी उनकी कमी महसूस नहीं हुई. कोच गंभीर ने अभिषेक शर्मा के रूप में एक प्रभावशाली खिलाड़ी की खोज की है. जब वरुण चक्रवर्ती और जसप्रीत बुमराह किसी वैश्विक प्रतियोगिता (विश्व टी20) में गेंदबाजी करेंगे तो ये आठ ओवर बल्लेबाजों के लिए बुरे सपने की तरह होंगे. संजू सैमसन ने अपनी लय हासिल कर ली है. हालांकि, ऋषभ पंत और यशस्वी जायसवाल भी मौजूद रहेंगे.











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