लखनऊ। राष्ट्रगीत “वंदे मातरम” की 150वीं वर्षगांठ के अवसर पर शुक्रवार को लोकभवन में आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि “वंदे मातरम” भारत की स्वतंत्रता का अमर मंत्र बन गया है। उस काल में विदेशी शासन द्वारा अनेक अत्याचार सहने के बावजूद, स्वतंत्रता सेनानियों और क्रांतिकारियों ने प्रभातफेरी के माध्यम से गाँव-गाँव में इस गीत को गाकर राष्ट्र को जागृत किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि 1875 में रचा गया यह गीत आजादी के आन्दोलन को आगे बढ़ाने में सहायक रहा। इस में किसी एक वर्ग विशेष का महिमामण्डन नहीं किया गया है। वंदे मातरम सम्पूर्ण राष्ट्र को जोड़ने का एक मंत्र बना। 1905 में जब भारत की भुजाओं को काटने का प्रयास बंग-भंग के रूप में किया था उस दौरान क्रान्तिकारियों के मुख से केवल वंदेमातरम ही निकलता था। वंदे मातरम सम्पूर्ण भारत को एक सूत्र में जोड़ने का मंत्र बना। यह गीत नहीं बल्कि भारत को एक नई दिशा देने व देश की सामूहिक चेतना को आगे बढ़ाने व राष्ट्रीयता का भाव पैदा करने में सहायक हुआ है। वंदे मातरम् हम सब को हमारे कर्तव्यों के प्रति आग्रही बनाता है।
बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय को नमन करते हुए योगी आदित्यनाथ ने कहा कि वंदे मातरम् क्रांतिकारियों की ताकत था। वंदे मातरम् एक शक्तिशाली नारा है। वंदे मातरम् हमारी शान, देश की पहचान है। इसी गीत ने भारत को एकजुट किया है।
सभागार में मौजूद सभी लोगों ने एक साथ सस्वर वंदेमातरम का गायन किया। इस अवसर पर मुख्य सचिव एस.पी.गोयल,प्रमुख सचिव गृह संजय प्रसाद,पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्ण समेत बड़ी संख्या में अधिकारी उपस्थित रहे।










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