नई दिल्ली : पहलगाम में हुई आतंकी हमले का बदला भारत ने मंगलवार देर रात में ले लिया। आतंकी हमले के 14 दिन में ही आतंकियों को निशाना बनाकर भारत सरकार ने अपना वचन पूरा किया। भारतीय ऑर्म्ड फोर्सेज ने ऑपरेशन सिंदूर लॉन्च किया। जानिए कैसे सुखोई और राफेल से कैसे हुआ एक्शन।
इंडियन एयरफोर्स के पास अलग अलग तरह के फाइटर एयरक्राफ्ट हैं। इसमें स्वदेशी तेजस से लेकर फ्रांस से लिए रफाल तक शामिल हैं। ऑपरेशन सिंदूर में सुखोई-30 और रफाल फाइटर जेट का भी इस्तेमाल किया गया।
सुखोई-30 भी एक मल्टीरोल फाइटर जेट है। ये भी ट्विन इंजन फाइटर जेट है। इससे सुपरसोनिक मिसाइल ब्रह्मोस को भी लॉन्च किया जा सकता है। सुखोई -30 फाइटर जेट 57 हजार फीट की ऊंचाई तक जा सकता है। इसमें 12 हार्ड पॉइंट हैं यानी 12 वेपन कैरी कर सकता है। ये हवा से हवा में मार करने वाले और हवा से जमीन पर मार करने वाले वेपन एक साथ कैरी कर सकता है और एक साथ दाग सकता है।
ये फ्रांस की दसो कंपनी ने बनाया है। ये 4.5 जनरेशन का एयरक्राफ्ट है। ट्विन इंजन वाला राफेल मल्टीरोल फाइटर है। ये लेह जैसे हाईएल्टीट्यूट इलाके से भी अपनी पूरी क्षमता के साथ उड़ान भर सकता है। इससे हवा से हवा में और हवा से सतह पर हमला किया जा सकता है। राफेल में मेटयॉर, स्कैल्प और हैमर मिसाइल है।











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