मुजफ्फरनगर। जनपद मुजफ्फरनगर में पारंपरिक भैंस-बुग्गी दौड़ अब मनोरंजन के बजाय अवैध जुए का अड्डा बनती जा रही है। इस पर नकेल कसते हुए मुजफ्फरनगर पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई की है। ककरौली थाना क्षेत्र के जड़वड़ गांव में बिना अनुमति के दौड़ कराकर जुआ खेलने के आरोप में पुलिस ने तीन आरोपियों को रंगेहाथ गिरफ्तार किया है।
एसपी देहात आदित्य बंसल के निर्देशन पर थानाध्यक्ष जोगिंदर यादव के नेतृत्व में ककरौली पुलिस ने गुरुवार देर शाम अचानक झोटा-बुग्गी रेस पर छापा मारा। पुलिस के अनुसार, इस रेस के परिणामों पर भारी-भरकम रकम का दांव लगाया जा रहा था।
मेरठ और मुजफ्फरनगर के आरोपी गिरफ्तार-
छापेमारी के दौरान, पुलिस ने मौके से तीन व्यक्तियों को जुआ खेलते हुए पकड़ा। ये आरोपी मुजफ्फरनगर और पड़ोसी जनपद मेरठ के रहने वाले बताए गए हैं।
पुलिस ने मौके से जुए में लगी नगदी, जुआ खेलने में प्रयुक्त सामग्री, और दौड़ में इस्तेमाल होने वाले झोटे तथा बुग्गी को भी कब्जे में ले लिया। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि यह गिरोह पिछले कई दिनों से इलाके में अवैध रेस के बहाने जुआ खिला रहा था।
25 अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा-
एसपी देहात आदित्य बंसल ने इस संबंध में सख्त रुख अपनाते हुए बताया कि गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उन्हें जेल भेज दिया गया है।
बंसल ने आगे जानकारी दी कि जड़वड़ के अलावा बहसूमा आदि इलाकों से भी लोग भैंसा-बुग्गी लेकर यहां पहुंचे थे। पूर्व में ऐसी दौड़ों के दौरान कई अनहोनी (दुर्घटनाएं) हो चुकी हैं, जिसके बाद पुलिस ने यह कार्रवाई की।
इस मामले में पुलिस की तरफ से 25 अज्ञात लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की गई है, जिनमें से 15 की पहचान हो चुकी है। इन आरोपियों को जल्द से जल्द पकड़ा जाएगा। जिले में जुए और अवैध रेसिंग जैसी गतिविधियों पर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि ग्रामीण क्षेत्रों में अवैध जुए की जड़ों को काटने के लिए सघन अभियान जारी रहेगा, और ऐसे आयोजनों में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।










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