सिरसा। हरियाणा के सिरसा में रात 12:10 बजे वायुसेना ने एक पाकिस्तानी मिसाइल को नष्ट कर दिया। इसका एक मलबा रानिया और दूसरा शहर के पास खाजाखेड़ा गांव में गिरा। वायुसेना ने इसे अपने कब्जे में ले लिया। खाजाखेड़ा निवासी सुमित ने बताया कि तेज धमाके की आवाज सुनकर आसपास की कॉलोनियों के लोग डरकर इकट्ठा हो गए। जिसके बाद पुलिस को इसकी सूचना दी गई।
सुबह करीब साढ़े पांच बजे पुलिस की टीम के साथ एयरफोर्स के जवान मौके पर पहुंचे। वहीं, रानियां में कुंदनलाल के खेत में मिसाइल के अवशेष भी गिरे। एयरफोर्स ने सभी अवशेष अपने कब्जे में ले लिए हैं। पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि अज्ञात मिसाइल को भारतीय रक्षा वायु प्रणाली ने नष्ट कर दिया। वहीं, सुबह आठ बजे फिर एक धमाका हुआ जिसके बाद शहर में सायरन बजने लगे।।
एक स्थानीय निवासी ने एएनआई को बताया कि मेरे बेटे ने यह देखा और मुझे बताया कि आसमान से कुछ गिरने वाला है… फिर हमने तेज आवाज के साथ कुछ फटते देखा। सुबह हमें पता चला कि यह एक चर्च के पास गिरा है। इसके अलावा, शनिवार की सुबह जम्मू-कश्मीर के अखनूर क्षेत्र में एक स्थानीय निवासी के घर के पास अचानक विस्फोट की आवाज सुनी गई। आज सुबह करीब 3:30 बजे सोमराज ने अपने घर के पास विस्फोट की आवाज सुनी।
सोमराज ने एएनआई को बताया कि सुबह करीब 3:30 बजे मैंने जोरदार धमाका सुना। हम बाहर भागे और पड़ोसियों को बुलाया। चारों तरफ धुआं था। मुझे नहीं पता कि यह क्या था। किसी के घायल होने की खबर नहीं है। स्थानीय लोगों के अनुसार, आस-पास के इलाकों से भी विस्फोटों की आवाजें सुनी जा सकती थीं।
शनिवार की सुबह अखनूर में पूरी तरह से ब्लैक आउट कर दिया गया। इलाके में विस्फोट और सायरन की आवाजें सुनी जा सकती थीं। पंजाब के जालंधर में कथित तौर पर कुछ ड्रोन देखे जाने के बाद शनिवार को भी ब्लैकआउट किया गया था। जालंधर के डीसी ने कहा कि हमने कुछ समय के लिए ब्लैक आउट कर दिया है, क्योंकि जालंधर में कुछ ड्रोन देखे जाने की खबर है। सेना जांच कर रही है। कृपया शांत रहें और ब्लैकआउट प्रोटोकॉल का पालन करें।
इस बीच, रक्षा सूत्रों ने बताया कि नियंत्रण रेखा (एलओसी) और अंतरराष्ट्रीय सीमा (आईबी) पर पाकिस्तानी सेना द्वारा भारतीय शहरों पर ड्रोन हमलों के जवाब में भारतीय सेना ने जम्मू सेक्टर में जोरदार जवाबी कार्रवाई की। पाकिस्तान के साथ बढ़ते तनाव के बीच शुक्रवार को उत्तर में बारामूला से लेकर पश्चिम में भुज तक, अंतरराष्ट्रीय सीमा और नियंत्रण रेखा (एलओसी) दोनों पर 26 स्थानों पर ड्रोन को खदेड़ा गया।











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