लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधानसभा में विधायक पंकज मलिक ने मजदूरों की समस्याओं को जोर-शोर से उठाया, जिससे सदन में श्रम मंत्री के साथ उनकी तीखी बहस हो गई। मजदूरों की दयनीय स्थिति का मुद्दा उठाते हुए मलिक ने कहा कि सरकार केवल दावों तक सीमित है, जबकि जमीनी हकीकत कुछ और है।
मलिक ने कहा कि राज्य के हजारों मजदूर सरकारी योजनाओं से वंचित हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि श्रमिक कल्याण योजनाओं का लाभ सिर्फ कागजों तक सीमित है और मजदूरों को उनका हक नहीं मिल रहा है। उन्होंने श्रम मंत्री से सीधा सवाल किया कि आखिर मजदूरों की पेंशन और बीमा योजनाओं का लाभ सही ढंग से क्यों नहीं दिया जा रहा?
इस पर श्रम मंत्री ने जवाब देते हुए सरकार की योजनाओं को गिनाया और कहा कि मजदूरों के कल्याण के लिए सरकार लगातार काम कर रही है। लेकिन जब मलिक ने आंकड़ों की मांग की और मजदूरों को तत्काल राहत देने की बात कही, तो मंत्री और उनके बीच बहस तेज हो गई।
विवाद बढ़ता देख विधानसभा अध्यक्ष को हस्तक्षेप करना पड़ा और दोनों को शांत कराया गया। बाद में पंकज मलिक ने मीडिया से बातचीत में कहा कि सरकार को मजदूरों की समस्याओं को गंभीरता से लेना चाहिए, वरना वह सड़कों पर उतरकर विरोध करने से पीछे नहीं हटेंगे।
विधानसभा में हुई इस झड़प के बाद श्रमिक संगठनों ने भी पंकज मलिक का समर्थन किया और मजदूरों की मांगों को जल्द पूरा करने की अपील की।










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