मुजफ्फरनगर। भोपा रोड स्थित पेंशन भवन में रविवार को गवर्नमेंट पेंशनर्स वेलफेयर ऑर्गेनाइजेशन की मासिक बैठक आयोजित की गई, जिसमें सरकार की नीतियों के खिलाफ जबरदस्त आक्रोश देखने को मिला। बैठक का मुख्य मुद्दा आठवें वेतन आयोग के गठन के बाद भी उसमें पेंशन पुनरीक्षण (Pension Revision) को शामिल न करना रहा। पेंशनर्स ने इसे अपने अस्तित्व के साथ खिलवाड़ बताते हुए आर-पार की लड़ाई का ऐलान कर दिया है।
17 दिसंबर को जिलाधिकारी के सामने खुलेगा मोर्चा-
सभा की अध्यक्षता कर रहे इंजीनियर बी.आर. शर्मा ने बताया कि आगामी 17 दिसंबर को ‘पेंशनर्स दिवस’ का आयोजन किया जाएगा। इस मौके पर जिलाधिकारी और वरिष्ठ कोषाधिकारी के समक्ष पेंशनर्स अपनी समस्याओं का पुलिंदा रखेंगे। संगठन ने सभी सदस्यों से अपील की है कि वे बड़ी संख्या में अपनी उपस्थिति दर्ज कराएं ताकि सरकार तक अपनी एकजुटता का कड़ा संदेश पहुँचाया जा सके।
वेतन आयोग में ‘पेंशन रिवीजन’ न होने पर कड़ा विरोध-
महामंत्री इंजीनियर डी.के. गुप्ता ने कहा कि केंद्र सरकार ने आठवें वेतन आयोग की घोषणा तो कर दी, लेकिन पेंशन पुनरीक्षण को इससे बाहर रखकर लाखों रिटायर्ड कर्मचारियों के साथ अन्याय किया है। उन्होंने चेतावनी दी कि मुजफ्फरनगर का संगठन देशव्यापी आंदोलन का हिस्सा बनेगा और अपनी मांगें पूरी होने तक चैन से नहीं बैठेगा।
पुरानी पेंशन (OPS) और आयकर कटौती पर भी तकरार-
बैठक में केवल वेतन आयोग ही नहीं, बल्कि अन्य लंबित मांगों पर भी चर्चा हुई:
आयकर कटौती: इंजीनियर के.के. शर्मा ने मेडिकल रीइंबर्समेंट (चिकित्सा प्रतिपूर्ति) पर हो रही इनकम टैक्स कटौती को पेंशनर्स का मानसिक उत्पीड़न करार दिया और इसे तत्काल बंद करने की मांग की।
पुरानी पेंशन योजना (OPS): अध्यक्ष बी.आर. शर्मा ने वर्ष 2000 के बाद नियुक्त कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन बहाली की मांग को फिर से प्रमुखता से उठाया।
एकजुट हुए विभिन्न संगठन-
इस दौरान संचार निगम पेंशनर्स वेलफेयर एसोसिएशन के परिमंडलीय सचिव रामबीर सिंह ने भी पेंशन रिवीजन के मुद्दे पर एकजुटता का आह्वान किया। बैठक में भारी संख्या में मौजूद पेंशनर्स ने एक स्वर में कहा कि वे अपने हक के लिए सड़क से लेकर शासन तक संघर्ष जारी रखेंगे।










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