मुज़फ्फरनगर। जिले भर के कीटनाशक विक्रेता मेरठ रोड स्थित नुमाइश कैंप में इकट्ठे हुए। ज़िले के विक्रेताओं ने शुगर मिल और फर्टिलाइजर फैक्ट्रीयों पर अवैध रूप से केंद्र खोलकर किटनाशक दवाईया बेचने का आरोप लगाया। नारेबाजी करते हुए कीटनाशक विक्रेता विकास भवन पहुंचे जहां पर उन्होंने जिला कृषि अधिकारी को अपना मांग पत्र सौंपा और शुगर मिलों के द्वारा अवैध रूप से बेची जा रही कीटनाशक दवाइयां की बिक्री पर रोक लगाने की मांग की है।
मुजफ्फरनगर एग्रीकल्चर संगठन के बैनर तले कीटनाशक विक्रेताओं ने विकास भवन पहुंचकर ज्ञापन ज़िला कृषि रक्षा अधिकारी को सोपा, जिसमें उन्होंने बताया कि जिले में अवैध तरीके से गन्ना मिलो के द्वारा किसानों को कीटनाशक दवाईयां बेची जा रही है। जिनकी जांच होने पर वह कीटनाशक सरकार द्वारा दिए गए मनको पर खरी नहीं उतरती है। शुगर मिल किसानों के साथ धोखा कर रही है।
कीटनाशक विक्रेता चौधरी शुभम त्यागी ने बताया कि शुगर मिलों द्वारा पिछले कुछ वर्षों से चुनिंदा कीटनाशक, यथा-कोराजन और फरटेरा किसानों को उपलब्ध कराये जा रहे हैं। परन्तु इस वर्ष सभी प्रकार के कीटनाशक व फर्टिलाइजर मिल्स के कर्मचारियों,गन्ना सुपरवाइजरों द्वारा किसानों के घर-घर जाकर किसानों के ना चाहते हुए भी दिए जा रहे हैं। तथा जनपद की कीटनाशक व फर्टिलाइजर निर्माण इकाइयों द्वारा अपनी इकाइयों में रिटेल काउंटर लगाकर किसानों को उत्पाद बेचे जा रहे हैं। जबकि समय-समय पर की जाने वाली जाँच में इन इकाइयों के उत्पाद मानकों के विपरीत पाये गये हैं। जिसकी वजह से लाइसेंस धारक कीटनाशक व फर्टिलाइजर विक्रेताओं का व्यापार ख़त्म होता जा रहा है।
कृषि रक्षा अधिकारी यतेंद्र सिंह ने आश्वासन दिया कि नकली फर्टिलाइजर बेचने वाले व्यापारियों पर एवं मिलो पर उचित कार्रवाई की जाएगी। और मीडिया के माध्यम से किसानों एक हेल्पलाइन नम्बर भी जारी किया जाएगा। अगर गांव में कोई अवैध रूप से कीटनाशक दवाइयों की बिक्री करता है तो उसके खिलाफ शिकायत कर सकेंगे।











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