मुजफ्फरनगर। जिले में राष्ट्रीय राजमार्ग 58 पर बेखौफ़ दौड़ रहे ओवरलोड वाहनों की बढ़ती समस्या के खिलाफ भारतीय किसान यूनियन (तोमर) ने कड़ा रुख अपनाया है। शनिवार को छपार थाना क्षेत्र में समाधान दिवस के दौरान संगठन के कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया और अधिकारियों को ज्ञापन सौंपकर तत्काल सख्त कार्रवाई की मांग की।
क्या है किसानों का आरोप?
पश्चिमी उत्तर प्रदेश के युवा विंग के अध्यक्ष अंकित गुर्जर के नेतृत्व में भाकियू (तोमर) के दो दर्जन से अधिक पदाधिकारी और कार्यकर्ता थाना परिसर पहुंचे।
संगठन ने थाना प्रभारी के माध्यम से अधिकारियों को सौंपे गए ज्ञापन में कहा कि-
हाईवे-58 पर दौड़ रहे भारी और ओवरलोड ट्रकों तथा डंपरों के कारण सड़क हादसों का खतरा कई गुना बढ़ गया है, जिससे आमजन की सुरक्षा खतरे में पड़ रही है।
इन वाहनों के कारण सड़कों की हालत खराब हो रही है।
ओवरलोड वाहन न केवल ट्रैफिक व्यवस्था को प्रभावित कर रहे हैं, बल्कि ये प्रदूषण की भी मुख्य वजह बनते जा रहे हैं।
अंकित गुर्जर ने आरोप लगाया कि इतनी गंभीर समस्याओं के बावजूद संबंधित विभागों की चुप्पी जनता के आक्रोश को बढ़ा रही है।
आंदोलन की चेतावनी-
भाकियू तोमर ने प्रशासन को स्पष्ट चेतावनी दी है। अंकित गुर्जर ने कहा कि यदि प्रशासन ने जल्द ही इन ओवरलोड वाहनों के खिलाफ ठोस कदम नहीं उठाए, तो भाकियू तोमर के कार्यकर्ता मजबूरन सड़कों पर उतरकर बड़ा आंदोलन करने को बाध्य होंगे। उन्होंने संगठन की तरफ से किसानों और आम जनता की सुरक्षा के लिए हर संभव कदम उठाने की बात दोहराई।
स्थानीय निवासियों और ग्रामीणों ने भी भाकियू के इस विरोध प्रदर्शन का समर्थन किया है और प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि रात के समय बड़ी संख्या में ओवरलोड ट्रकों की आवाजाही से हादसे आम बात हो गए हैं।










Discussion about this post