अदीस अबाबा/नई दिल्ली। इथियोपिया की अपनी पहली द्विपक्षीय यात्रा पर पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज (बुधवार) इथियोपियाई संसद के संयुक्त सत्र को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने दोनों देशों के बीच सदियों पुराने मजबूत संबंधों का जिक्र किया और कहा कि भारत और इथियोपिया का रिश्ता 2,000 साल पुराना है।
भाषण के मुख्य बिंदु-
ऐतिहासिक संबंध: प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि दोनों देशों के बीच न केवल कूटनीतिक बल्कि सांस्कृतिक और व्यापारिक संबंध भी सदियों पुराने हैं। उन्होंने कहा, “आपसे भारत का रिश्ता आज का नहीं, बल्कि दो हजार साल से भी ज्यादा पुराना है, जो समय के साथ और मजबूत हुआ है।”
साझा भविष्य का विजन: उन्होंने दोनों देशों की समान चुनौतियों और अवसरों पर बात करते हुए एक मजबूत रणनीतिक साझेदारी की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि दोनों देश मिलकर ‘ग्लोबल साउथ’ (विकासशील देशों) के एजेंडे को आगे बढ़ा सकते हैं।
शिक्षा और विकास: पीएम मोदी ने इथियोपिया के विकास में भारतीय शिक्षकों और पेशेवरों के योगदान की सराहना की और भविष्य में भी सहयोग जारी रखने का आश्वासन दिया।
लोकतंत्र की तारीफ: उन्होंने इथियोपिया के जीवंत लोकतंत्र और वहां के लोगों की प्रगति की इच्छाशक्ति की तारीफ की।
निष्कर्ष-
प्रधानमंत्री मोदी के इस भाषण ने दोनों देशों के बीच कूटनीतिक और भावनात्मक संबंधों को एक नई ऊंचाई दी है। उनके संबोधन के बाद इथियोपियाई संसद में तालियों की गड़गड़ाहट गूंज उठी।











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