नई दिल्ली। संसद के शीतकालीन सत्र के आठवें दिन, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ पर चर्चा शुरू की। उन्होंने कहा कि यह गीत हमारी प्रेरणा है और दुनिया के इतिहास में ऐसा कोई भावगीत नहीं है, जिस पर हमें गर्व होना चाहिए।
पीएम मोदी ने क्यों कहा- लगता है कांग्रेस ने आउटसोर्स कर दिया-
चर्चा के दौरान, जब कुछ विपक्षी सांसदों ने हंगामा करने की कोशिश की, तो पीएम मोदी ने चुटकी लेते हुए कहा, “लगता है, कांग्रेस ने आउटसोर्स कर दिया है।” उन्होंने यह टिप्पणी इसलिए की क्योंकि हंगामा करने वालों में कांग्रेस के सांसद शामिल नहीं थे। उन्होंने आगे कहा कि “दुर्भाग्य से कांग्रेस की नीतियां अभी भी वैसी ही हैं,” और अब “INC चलते-चलते MMC हो गया है।” (MMC – म्युनिसिपल म्युनिसिपल कांग्रेस)।
चुनौतियों से ही राष्ट्र का चरित्र उजागर होता है-
प्रधानमंत्री ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस और जिन पार्टियों के नाम के साथ कांग्रेस जुड़ा है, वे सभी ‘वंदे मातरम्’ पर विवाद खड़ा करने की कोशिश करते हैं। उन्होंने जोर दिया कि किसी भी राष्ट्र का चरित्र चुनौतियों से ही उजागर होता है, और ‘वंदे मातरम्’ ने देशवासियों को यह एहसास कराया कि यह लड़ाई ज़मीन के टुकड़े या सत्ता के सिंहासन के लिए नहीं, बल्कि हज़ारों वर्षों की महान संस्कृति और गौरवपूर्ण इतिहास के पुनर्जन्म के संकल्प की लड़ाई थी।
उन्होंने इतिहास का ज़िक्र करते हुए कहा कि अक्टूबर (1937 में कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक का संदर्भ) में कोलकाता में हुए फैसले के बाद कांग्रेस पहले ‘वंदे मातरम्’ पर समझौता करने के लिए झुकी, जिसके बाद देश को बंटवारे का दंश भी झेलना पड़ा। उन्होंने आरोप लगाया कि सामाजिक सद्भाव की आड़ में लिए गए फैसलों के आधार पर कांग्रेस ने तुष्टीकरण की राजनीति को बढ़ावा दिया और जिन्ना के विचारों का समर्थन किया।











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