काठमांडू। नेपाल में राजनीतिक संकट गहराता जा रहा है। प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली ने भारी दबाव के बीच अपना इस्तीफा दे दिया है। राजधानी काठमांडू और अन्य इलाकों में विरोध प्रदर्शन हिंसक रूप धारण कर चुके हैं। प्रदर्शनकारियों ने संसद भवन पर कब्जा कर लिया है और कई सरकारी भवनों में तोड़फोड़, आगजनी तथा पथराव की घटनाएं हुई हैं।
राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल के निजी आवास पर भी प्रदर्शनकारियों ने कब्जा कर आग लगा दी। प्रधानमंत्री ओली की पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं जैसे रघुवीर महासेठ और माओवादी अध्यक्ष प्रचंड के घरों पर भी हमले हुए। इसके अलावा गृहमंत्री रमेश लेखक, कृषि मंत्री रामनाथ अधिकारी, स्वास्थ्य मंत्री सहित पांच मंत्रियों ने इस्तीफा दे दिया है।
हालांकि, कर्फ्यू और कड़े सुरक्षा इंतजामों के बावजूद विरोध प्रदर्शन बढ़ते जा रहे हैं और राजनीतिक स्थिति दिन-ब-दिन तनावपूर्ण होती जा रही है। राजनीतिक दबाव और सुरक्षा चिंताओं के कारण कुछ मंत्रियों को हेलीकॉप्टर की मदद से काठमांडू से बाहर ले जाया गया है। सूत्रों के अनुसार, यह कदम नेताओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है।
नेपाल में सोशल मीडिया प्रतिबंध के खिलाफ भी बड़े पैमाने पर प्रदर्शन हुए हैं, जिनमें कई जगह हिंसक झड़पें और पुलिस कार्रवाई में घायल और मृतक भी हुए हैं। सरकार और प्रदर्शनकारियों के बीच जारी संघर्ष के बीच राजनीतिक संकट और बढ़ता जा रहा है।











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