लखनऊ। राजधानी लखनऊ में सोमवार को अवैध अतिक्रमण हटाने गई नगर निगम की टीम और एक किसान परिवार के बीच जमकर हंगामा हुआ। घटना सुशांत गोल्फ सिटी थाना क्षेत्र के मस्तेमऊ गांव की है, जहां करीब एक करोड़ की सरकारी जमीन से अतिक्रमण हटाते समय दोनों पक्षों के बीच कहासुनी मारपीट तक पहुंच गई। आरोप है कि नायब तहसीलदार रत्नेश श्रीवास्तव ने किसान राम मिलन को थप्पड़ मार दिया, जिससे वह घायल हो गया। घटना का एक वीडियो भी सामने आया है।
जानकारी के मुताबिक, नगर निगम की टीम अमरावती कॉलोनी के बगल में स्थित खसरा नंबर 868 की भूमि से कब्जा हटाने पहुंची थी। यह जमीन खाद के गड्ढे के रूप में दर्ज है और कुल क्षेत्रफल 0.152 हेक्टेयर है। इसमें से लगभग 3000 वर्गफुट पर अस्थाई अवैध निर्माण किया गया था। जब बुलडोजर चलाकर कार्रवाई शुरू हुई तो कब्जा धारकों ने विरोध किया। महिलाओं ने भी मौके पर पहुंचकर हंगामा किया और अधिकारियों पर अभद्रता का आरोप लगाया।
इस दौरान किसान राम मिलन और तहसीलदार के बीच तीखी नोकझोंक हुई। गुस्से में तहसीलदार ने किसान को थप्पड़ जड़ दिया, जिसके बाद महिलाएं और परिजन भड़क गए। परिवार का आरोप है कि थप्पड़ लगने से किसान के कान से खून निकलने लगा। हालत बिगड़ने पर पहले उन्हें गोसाईगंज सीएचसी, फिर सिविल अस्पताल और बाद में पीजीआई रेफर किया गया।
वहीं नगर निगम अधिकारियों का कहना है कि अतिक्रमण को लेकर विरोध के दौरान कब्जाधारियों ने गाली-गलौज और धमकी दी। यहां तक कि आत्महत्या की धमकी भी दी गई। इस संबंध में सुशांत गोल्फ सिटी थाने में शिकायत दर्ज कराई गई है।
खरगापुर सरसंवा वार्ड के पार्षद राजेश कुमार ने दावा किया कि किसान राम मिलन के परिवार का इस जमीन पर तीन पीढ़ियों से कब्जा है और उनके पास नवाबी दौर के कागजात भी मौजूद हैं। पार्षद के अनुसार, किसान ने तहसीलदार से केवल भूसा निकालने के लिए एक घंटे का समय मांगा था, लेकिन इसी बीच विवाद बढ़ गया और थप्पड़ मारने से किसान गंभीर रूप से घायल हो गया। फिलहाल, घटना से गांव और आसपास के क्षेत्रों में तनाव का माहौल है। पुलिस मामले की जांच में जुटी है, जबकि नगर निगम का कहना है कि अवैध कब्जे के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा।










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