मुजफ्फरनगर। मुज़फ़्फ़रनगर में गर्म हवाओं के बीच बिजली कटौती ने लोगों को झुलसा दिया है। रविवार दिन से लेकर सोमवार आधी रात तक सुरेंद्रनगर, अवध विहार, लक्ष्मण विहार, गांधी नगर, अग्रसेन विहार, गांधी कॉलोनी, पटेल नगर, मिमलाना रोड और बचन सिंह कॉलोनी जैसे कई इलाकों में बिजली का कई जगह नामोनिशान नहीं रहा, कहीं बिजली बार बार आती जाती रही, जिससे परेशान लोगों ने मंत्री कपिल देव अग्रवाल के आवास का रुख किया, लेकिन वहां सिर्फ अंधेरा मिला – न मंत्री, न कोई संदेश, जिससे लोगों में मंत्री के खिलाफ गुस्सा भी दिखाई दिया।
“हम रोज़ बिल देते हैं, लेकिन जवाबदारी कौन लेगा?” यह सवाल पूछा सुमन देवी ने, जो लक्ष्मण विहार में रहती हैं और जिनके घर में उनकी बीमार सास ऑक्सीजन पर हैं। बिजली गुल होने से ऑक्सीजन मशीन बंद पड़ी रही। वहीं सुरेंद्रनगर के निवासी रोहित ने गुस्से में कहा – “मंत्री साहब चुनावों के समय हर दरवाज़े दिखते हैं, अब जनता की तकलीफ सुनने का वक्त नहीं?”
सुरेंद्रनगर के NH-58 बाइपास कट पर करीब दर्जनभर लोग अंधेरे में खड़े होकर विद्युत विभाग के चीफ पवन अग्रवाल को कॉल करते रहे। शिकायत पर उन्हें केवल “खंभे में फाल्ट” का बहाना सुनाया गया।
इन सभी इलाकों में बिजली गुल: सुरेंद्रनगर, अवध विहार,लक्ष्मण विहार,अग्रसेन विहार, गाँधी नगर, गांधी कॉलोनी, पटेल नगर (नई मंडी), बचन सिंह कॉलोनी और मिमलाना रोड आदि इलाकों में कई जगह इनवर्टर जवाब दे चुके, पीने का पानी भी खत्म हो गया, फाल्ट की बात कहकर कोई अधिकारी मौके पर नहीं आया, कई मौहल्लों में बिजली कभी आती, कभी जाती रही, इनवर्टर भी धोखा देने लगा। कुछ इलाकों में तो सुबह से लगातार कटौती रही, पूरे दिन में केवल एक घंटे बिजली रही।
गांधी कॉलोनी निवासी संजय ने कहा – “बिजली विभाग अपनी नाकामी छुपा रहा है। यह तकनीकी फाल्ट नहीं, प्रशासनिक निकम्मापन है।” पुलिस प्रशासन मौके पर जरूर पहुंचा और लोगों को शांत कराया, लेकिन मंत्री कपिल देव अग्रवाल की चुप्पी जनता के गुस्से को और उबाल दे रही है। स्थानीय निवासी नीलम चौहान और शलभ ने पूछा – “क्या हम सिर्फ वोट देने के लिए हैं ?” सवाल बड़ा है – जब पूरे शहर के हाईप्रोफाइल मोहल्लों में जनता परेशान है, तो ग्रामीण इलाकों की हालत का अंदाजा लगाया जा सकता है।










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