मुजफ्फरनगर। उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ की मुजफ्फरनगर इकाई ने प्रदेश नेतृत्व के निर्देश पर मंगलवार को जिला मुख्यालय पर धरना-प्रदर्शन किया। शिक्षकों ने मांग उठाई कि 29 जुलाई 2011 से पहले नियुक्त शिक्षकों को सेवा में बने रहने और पदोन्नति के लिए टीईटी/सीटीईटी परीक्षा से छूट दी जाए।
संघ के जिलामंत्री प्रवीन सिंह ने कहा कि संविधान के अनुसार किसी भी नियम को प्रक्रिया के दौरान लागू नहीं किया जा सकता। उन्होंने राष्ट्रीय शिक्षक शिक्षा परिषद (एनसीटीई) के अधिकार पत्र का हवाला देते हुए बताया कि 29 जुलाई 2011 से पहले नियुक्त शिक्षकों के लिए टीईटी अनिवार्य नहीं है। उन्होंने सरकार से इस नियम को लागू न करने और शिक्षकों को राहत देने की मांग की।
धरने में बड़ी संख्या में शिक्षक और शिक्षिकाएँ शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने प्रधानमंत्री से इस मुद्दे पर तत्काल हस्तक्षेप करने की अपील की। धरने में विजयन्त, सत्यव्रत, अनूप गोयल, अनूप त्यागी, मनोज, अमरजीत, रोहित, विनय, पूनम बालियान, शशि राठी, मिनाक्षी, सुनील शर्मा, सरोजनी, मोहित, मितिन, प्रवीन कुमार, मनोज, अरुण सहित कई शिक्षक-शिक्षिकाएँ उपस्थित रहे।
शिक्षकों ने कहा कि टीईटी/सीटीईटी की अनिवार्यता से पुराने शिक्षकों को अनावश्यक परेशानी हो रही है। उन्होंने सरकार से इस नीति की समीक्षा करने और पूर्व नियुक्त शिक्षकों को छूट देने की मांग की ताकि उनकी सेवा और पदोन्नति पर कोई असर न पड़े।










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