नई दिल्ली। संसद के शीतकालीन सत्र के पहले दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘ड्रामा नहीं, डिलीवरी’ वाले बयान पर कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा ने तीखा पलटवार किया है। उन्होंने सरकार पर लोगों से जुड़े जरूरी मुद्दों पर चर्चा से बचने का आरोप लगाया।
पीएम पर सीधा निशाना-
संसद का काम: प्रियंका गांधी ने जोर देकर कहा कि लोगों के मुद्दे उठाना ‘ड्रामा’ नहीं है, बल्कि उन पर चर्चा न होने देना ‘ड्रामा’ है। उन्होंने सवाल किया, “संसद किसलिए है? यह ड्रामा नहीं है। मुद्दों पर बोलना और मुद्दे उठाना ड्रामा नहीं है।”
जनता के मुद्दे: उन्होंने एसआईआर (मतदाता सूची पुनरीक्षण) और दिल्ली में वायु प्रदूषण जैसे आम लोगों से जुड़े बड़े मुद्दों पर संसद में बहस की मांग की।
सरकार पर असहयोग का आरोप-
चर्चा से इनकार: प्रियंका ने आरोप लगाया कि सरकार किसी भी मुद्दे पर संवाद करने को तैयार नहीं है, जिसके कारण सदन का सुचारू रूप से चल पाना कठिन हो रहा है। उन्होंने कहा, “सरकार किसी भी विषय पर चर्चा नहीं करना चाहती। अगर एसआईआर पर नहीं, तो चुनाव सुधार या किसी अन्य संबंधित मुद्दे पर चर्चा की जा सकती है। लेकिन यदि वे किसी चीज पर चर्चा ही नहीं करेंगे, तो सदन कैसे चलेगा?”
दिल्ली के प्रदूषण पर चिंता-
शर्मनाक स्थिति: उन्होंने दिल्ली की वायु गुणवत्ता को “शर्मनाक” बताया और कहा कि यह हमारी राजधानी की स्थिति है।
सामूहिक प्रयास की जरूरत: प्रियंका ने कहा कि इस समस्या से निपटने के लिए सभी पार्टियों को राजनीति से ऊपर उठकर एक साथ आना चाहिए ताकि बच्चों, बुजुर्गों और सांस की समस्याओं से जूझ रहे लोगों की सेहत को बचाया जा सके।
पीएम की टिप्पणी पर तंज-
‘मौसम का आनंद लें’ वाले बयान पर: प्रधानमंत्री के उस बयान पर जहाँ उन्होंने कहा था कि सभी को मौसम का आनंद लेना चाहिए, प्रियंका ने तंज कसते हुए कहा, “दिल्लीवासी कौन-से मौसम का आनंद लें? उन्हें बाहर झांककर देखना चाहिए कि देश में क्या-क्या हो रहा है।”
यह बयान शीतकालीन सत्र में विपक्ष की आक्रामक रणनीति का संकेत देता है, जहाँ वे सरकार को आम लोगों से जुड़े मुद्दों पर घेरने की कोशिश कर रहे हैं।











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