बिजनौर। पति की मृत्यु के बाद नसीमुद्दीन ने राधा के प्रति सहानुभूति दिखाई और उसे अपने घर में रख लिया। धर्मांतरण कराकर राधा का नाम जीनत, बेटी शिवानी बनी सानिया, हिमानी बनी सादमानी, करन बना फैजान, अर्जुन बना अरमान और बॉबी का नाम बॉबी ही रखा गया।
एक बेटे की शादी भी मुस्लिम परिवार में करा दी गई। अब राधा ने खुद और उसके परिवार को नजरबंद करके रखने का आरोप लगाते हुए रिपोर्ट दर्ज कराई है। पुलिस ने आरोपी नसीमुद्दीन को गिरफ्तार करके जेल भेज दिया है।
शहर कोतवाली में राधा ने रिपोर्ट दर्ज कराते हुए पुलिस को बताया कि उसके पति बैराज रोड पर होटल चलाते थे। वह भी सहयोग के लिए होटल पर चली जाती थी। होटल पर भरानीद्दीनपुर गांव निवासी स्वयं को जाट और नाम रवि बताने वाले का आना-जाना था।
दस साल पहले उसके पति की मौत हो गई। इसपर हमदर्दी जताकर उसे और उसके पांच बच्चों को अपने आरोपी घर ले गया। आरोप है कि घर जाने पर पता चला रवि नहीं उसका नाम नसीमुद्दीन है। आरोपी ने जबरन उसका और बच्चों का धर्म बदलवा दिया।
असलियत खुलने पर उनके घर से बाहर निकलने पर रोक लगाकर नजरबंद कर दिया। आरोपी ने उसके और बच्चों के आधार कार्ड भी मुस्लिम नाम से बनवा दिए। इतना ही नहीं उसको मकान बनवाने का झांसा देकर आठ लाख रुपये के आभूषण भी हड़प लिए।
17 जुलाई को आरोपी नसीमुद्दीन किसी शादी में गया तो घर के बाहर ताला लगाना भूल गया। जिस पर मौका पाकर राधा घर से निकल आई और 26 जुलाई को शहर कोतवाली पहुंची। उसकी तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज कर पुलिस ने आरोपी नसीमुद्दीन को गिरफ्तार कर लिया।











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