मुजफ्फरनगर। मुजफ्फरनगर के भोपा थाना क्षेत्र के वजीराबाद गांव के जंगल में राष्ट्रीय पक्षी मोर के अवशेष और कारतूस का खोखा मिलने से सनसनी फैल गई। गन्ने के खेत में एक मृत मोर और उसके पंख बड़ी संख्या में देखे गए, जिससे ग्रामीणों और हिंदू संगठनों में भारी रोष है। पवित्र श्रावण मास में मोर और तीतर जैसे धार्मिक महत्व के पक्षियों का शिकार किए जाने को लेकर लोगों ने इसे आस्था के साथ खिलवाड़ बताया है।
गांव निवासी सौरव कुमार ने बताया कि दो दिन पहले वह खेतों में खाद डाल रहे थे, तभी उन्होंने गन्ने के खेत में मृत मोर के पंखों के अवशेष देखे और पास ही एक बंदूक का खाली खोखा पड़ा मिला। ग्रामीणों का कहना है कि यह शिकार अज्ञात लोगों द्वारा किया गया है, जो असलाह लेकर खुलेआम जंगल में घूम रहे हैं और यह कभी भी किसी गंभीर घटना को अंजाम दे सकते हैं।
ग्रामीण सत्यवीर ने भी पुष्टि की कि गन्ने की बंधाई करते समय खेत में मोर के पंख और गोली का खोखा मिला। उन्होंने इसे सावन मास में हो रहे धार्मिक कार्यक्रमों और प्राचीन वनखंडी महादेव मंदिर की पूजा के बीच आस्था के खिलाफ अपराध करार दिया।
रूपेंद्र, अभिनव, रोहित, भगवानदास, सत्यवीर, और भाजपा नेता अनुज गोयल ने प्रशासन की निष्क्रियता पर नाराजगी जताई और तत्काल आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की। ग्रामीणों का कहना है कि तीतर का शिकार करने वाले शिकारी पिंजरे में पक्षी लेकर घूमते रहते हैं, लेकिन प्रशासन इस ओर बिल्कुल ध्यान नहीं दे रहा।
ग्रामीणों ने मांग की है कि वन विभाग और पुलिस मिलकर गश्त तेज करें, जंगल में हो रहे इस अवैध शिकार पर सख्ती से रोक लगे और दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दी जाए।










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