मुजफ्फरनगर। भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) एक बार फिर बीज अधिनियम 2025 को लेकर आक्रामक हो गई है। मुजफ्फरनगर में एक प्रेस वार्ता के दौरान, भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने साफ कहा, “किसान विरोधी किसी भी कानून का डटकर विरोध करेंगे।” उन्होंने आरोप लगाया कि पहले कांग्रेस सरकार ने इसका मसौदा तैयार किया था, जिसका तब भी विरोध किया गया था और आज भी वही रुख कायम है।
कृषि कानूनों की तरह खतरनाक हैं सीड और बिजली बिल-
टिकैत ने तीन कृषि कानूनों का हवाला देते हुए कहा कि जिस तरह वे किसानों के हितों के खिलाफ थे, उसी तरह सीड बिल (बीज अधिनियम) और बिजली संशोधन बिल भी किसानों के लिए खतरनाक हैं। उन्होंने केंद्र सरकार पर उदासीनता का आरोप लगाते हुए दावा किया कि 22 जनवरी 2021 के बाद से सरकार की किसान संगठनों से कोई बात नहीं हुई है, जो एक गंभीर मुद्दा है।
SIR अभियान पर सलाह: “वोट डालना है तो कागज़ तैयार रखो”
निर्वाचन आयोग के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) अभियान पर प्रतिक्रिया देते हुए राकेश टिकैत ने किसानों और नागरिकों को सलाह दी। उन्होंने कहा, “मतदान हर नागरिक का अधिकार है, इसलिए अपने कागज़–पत्तर हमेशा तैयार रखें। अगर वोट डालना है तो दस्तावेज़ सही और अपडेट होने चाहिए।”
बाबरी मस्जिद निर्माण पर भाजपा को घेरा-
पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में बाबरी मस्जिद निर्माण की खबरों पर टिकैत ने सरकार पर तीखा निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि “यह सब सरकार ही करवा रही है और इसका फायदा सीधे तौर पर बीजेपी को मिलता है।” उन्होंने कहा कि जब तक बाबरी मस्जिद का मुद्दा उठाया जाएगा, तब तक भाजपा को वोट मिलते रहेंगे। उन्होंने इमरान मसूद के बयान का हवाला देते हुए सवाल किया कि अगर निर्माण गलत है, तो सरकार इसे रोक क्यों नहीं रही है?
प्रेस वार्ता में भाकियू के वरिष्ठ नेता चौधरी ओमपाल मलिक, जिलाध्यक्ष नवीन राठी, जिला मीडिया प्रभारी हेमेंद्र कुमार डब्बू आदि मौजूद रहे।










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