मुज़फ्फरनगर। समाजवादी पार्टी की खतौली सैनी नगर स्थित सैनी धर्मशाला में आयोजित समीक्षा बैठक उस समय विवादों में घिर गई जब बैठक के दौरान महिला कार्यकर्ताओं को लेकर आपत्तिजनक भाषा का प्रयोग किया गया।
इस टिप्पणी से आक्रोशित होकर सपा महिला सभा की जिला अध्यक्ष सुषमा सैनी ने अपनी टीम के साथ बैठक का बहिष्कार कर दिया। इस पूरे घटनाक्रम में सुषमा सैनी और सपा जिलाध्यक्ष जिया चौधरी के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई, जिसमें सुषमा के पति और सपा के पूर्व जिलाध्यक्ष बच्ची लाल सैनी भी शामिल रहे।
यह बैठक सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव के निर्देश पर आगामी 2027 विधानसभा चुनावों की तैयारियों को लेकर बुलाई गई थी। बैठक में पार्टी पर्यवेक्षक वीर सिंह की निगरानी में पदाधिकारी और कार्यकर्ता एकत्र हुए थे। लेकिन बैठक का माहौल उस वक्त बिगड़ गया जब प्रदेश सचिव ने एक महिला कार्यकर्ता के माइक पर ठीक से बोल न पाने पर कथित तौर पर अभद्र टिप्पणी कर दी।
इसके बाद महिला पदाधिकारियों में गहरी नाराज़गी फैल गई। सपा महिला सभा की जिलाध्यक्ष सुषमा सैनी ने कड़ा ऐतराज़ जताते हुए बैठक का खुला बहिष्कार कर दिया और बाहर निकल गईं।
वहीं, सपा के पूर्व जिलाध्यक्ष बच्ची लाल सैनी ने भी इस रवैये की आलोचना करते हुए कहा कि यह पहला मौका नहीं है जब सपा की बैठक में महिलाओं का अपमान हुआ है। उन्होंने बताया कि यह तीसरी बार है जब महिला कार्यकर्ताओं के साथ दुर्व्यवहार हुआ है, जो पार्टी की कार्यशैली पर सवाल खड़े करता है।
इस दौरान स्थिति इतनी तनावपूर्ण हो गई कि वरिष्ठ नेताओं को हस्तक्षेप करना पड़ा। हालांकि, सपा जिलाध्यक्ष जिया चौधरी ने सफाई दी कि माइक की तकनीकी खराबी को लेकर हल्की बहस हुई थी, जिसे अब सुलझा लिया गया है और बैठक सुचारू रूप से जारी है।
फिलहाल यह विवाद सपा की आंतरिक अनुशासन और महिला कार्यकर्ताओं की भागीदारी को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। पार्टी नेतृत्व के सामने यह एक बड़ी चुनौती बनकर उभरा है कि किस तरह महिला पदाधिकारियों को सम्मानजनक माहौल में पार्टी कार्यों में शामिल किया जाए।











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