मुज़फ्फरनगर। रुड़की रोड स्थित राम चश्मे वाला की दुकान एक बार फिर विवादों में आ गई है। काजी खेड़ा निवासी राहुल मलिक ने दुकान पर अपनी 10 वर्षीय बेटी मोनिका की आंखों में गलत दवा देने का आरोप लगाया है।
उन्होंने बताया कि राम चश्मा वालों की दुकान से आंखों की जांच कराई गई थी, जिसके बाद जो दवा दी गई, उसे डालने पर मोनिका की आंखों में धुंधलापन और जलन की समस्या बढ़ गई। राहुल ने इस मामले की शिकायत मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) को लिखित रूप में देकर जांच और कार्यवाही की मांग की है।
राहुल मलिक ने बताया कि मंगलवार को उनकी पुत्री मोनिका की आंखों की जांच राम चश्मा वालों की दुकान पर कराई गई थी। जांच के बाद उन्हें एक आई ड्रॉप दी गई, जिसे डालने के कुछ समय बाद मोनिका ने आंखों में धुंधलापन और दिखना बंद होने की शिकायत की। जब राहुल इस शिकायत को लेकर दुकान पर पहुंचे तो वहां स्टाफ द्वारा उनके साथ बदसलूकी और धमकियां दी गईं। पुलिस से भी शिकायत करने गए राहुल का आरोप है कि कोतवाली में उनकी रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई।
इस पूरे मामले पर राम चश्मा वालों के संचालक गर्व अग्रवाल ने सफाई दी है। उन्होंने कहा कि मोनिका की स्थिति सामान्य है और वह खुद सीएमओ ऑफिस में मौजूद हैं जहां डॉक्टर चाहें तो जांच कर सकते हैं। गर्व ने आरोप लगाया कि रामा नेत्र सुरक्षा केंद्र के संचालक प्रवीण सिंगल और उमंग सिंगल उन्हें बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि अगर मोनिका की आंखों में कोई दिक्कत होती है तो उसकी पूरी जिम्मेदारी वह खुद लेंगे।
राम चश्मा वालों की दुकान रामा नेत्र सुरक्षा केंद्र के बगल में करीब डेढ़ साल पहले खोली गई थी। दोनों प्रतिष्ठानों के बीच लंबे समय से दुकान के नाम को लेकर विवाद चल रहा है। गर्व अग्रवाल ने आरोप लगाया कि प्रवीण और उमंग सिंगल आए दिन उनके साथ कहासुनी करते रहते हैं और इस घटना को भी उसी पुराने विवाद से जोड़कर देखा जाना चाहिए।
स्थानीय समाजसेवी राजू पिन्ना ने इस प्रकरण में गहरी जांच की मांग की है। उन्होंने कहा कि यह देखा जाना चाहिए कि उक्त दुकान किस आधार पर आंखों की जांच और इलाज कर रही है। अगर बिना किसी मेडिकल योग्यता के मरीजों को दवा दी जा रही है, तो यह गंभीर लापरवाही है और इस पर सख्त कार्यवाही होनी चाहिए।










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