लखनऊ। उत्तर प्रदेश में पड़ रही भीषण शीतलहर और घने कोहरे को देखते हुए राज्य सरकार ने आमजन को राहत पहुँचाने के लिए कमर कस ली है। मुख्यमंत्री के निर्देशों के बाद प्रदेश के सभी 75 जिलों में रैन बसेरों, अलाव और कंबल वितरण की व्यवस्था को युद्ध स्तर पर सक्रिय कर दिया गया है। शासन ने स्पष्ट किया है कि ठंड के कारण किसी भी जरूरतमंद को असुविधा नहीं होनी चाहिए।
रैन बसेरों में 10 हजार के करीब लोगों ने ली शरण-
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, प्रदेश भर में अब तक 1247 रैन बसेरे स्थापित किए जा चुके हैं, जिनमें अब तक 9949 लोग आश्रय ले चुके हैं। जिला प्रशासनों को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि इन आश्रय स्थलों पर सफाई, बिस्तर, गर्म पानी, रोशनी और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम रहें।
कंबल वितरण: 17.55 करोड़ की धनराशि जारी-
ठंड से बचाव के लिए सरकार ने कंबल वितरण को अपनी सर्वोच्च प्राथमिकता में रखा है।
चालू सीजन के लिए सभी जिलों को 17.55 करोड़ रुपये की राशि आवंटित की गई है।
अब तक 75 जिलों में 3,78,884 कंबलों की आपूर्ति सुनिश्चित की जा चुकी है।
इनमें से 1,40,364 कंबल जरूरतमंदों के बीच बांटे जा चुके हैं, और शेष का वितरण तेजी से जारी है।
सार्वजनिक स्थलों पर अलाव की व्यवस्था-
प्रदेश सरकार के प्रवक्ता ने जानकारी दी कि सार्वजनिक स्थानों पर अलाव जलाने के लिए 1.75 करोड़ रुपये की धनराशि जारी की गई है। खास बात यह है कि अलाव की व्यवस्था में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए इसकी नियमित फीडिंग राहत पोर्टल (Rahat Portal) पर की जा रही है, जिससे शासन स्तर पर इसकी सीधी निगरानी संभव हो सके।
संवेदनशीलता के साथ कार्य करने के निर्देश-
जिला प्रशासन और नगर निकायों को पूरी संवेदनशीलता के साथ राहत कार्य संचालित करने को कहा गया है। सरकार की ओर से स्पष्ट निर्देश हैं कि शीतलहर के दौरान सड़क पर कोई भी व्यक्ति लाचार न रहे और हर जरूरतमंद तक सरकारी मदद पहुँचे।










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