मुजफ्फरनगर। थाना मंसूरपुर पुलिस ने वाहनों के फर्जी दस्तावेज बनाकर बेचने वाले एक गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस को एक सटीक सूचना मिली थी, जिसके आधार पर शाहपुर कट पर बैरियर लगाकर चेकिंग की गई। इसी दौरान महिंद्रा थार में सवार तीन संदिग्धों को रोका गया।
तलाशी के दौरान दो फर्जी नंबर प्लेट, दो आरसी (रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट) और फाइनेंस से संबंधित फर्जी दस्तावेज बरामद हुए। मौके पर पुलिस ने 30 वर्षीय शहजाद मलिक (गगौल, मेरठ), 25 वर्षीय प्रवीण कुमार और 23 वर्षीय रविंद्र यादव (शास्त्री नगर, मेरठ) को गिरफ्तार किया। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे फाइनेंस पर वाहन लेकर आरटीओ और बैंक से नो ड्यूज सर्टिफिकेट बनाकर फर्जी दस्तावेज तैयार करते थे और इन्हें बेचते थे।
आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने पांच कारें भी बरामद की हैं। इस मामले का खुलासा करते हुए एसपी सिटी सत्य नारायण प्रजापत ने मंसूरपुर पुलिस की सराहना की।
प्रेस वार्ता में एसपी सिटी सत्य नारायण प्रजापत ने बताया कि यह गिरोह फाइनेंस पर ली गई कारों के फर्जी दस्तावेज बनाकर उन्हें बेचता था, जिससे कर रिकॉर्ड में वाहन सही दिखता था, जबकि दस्तावेज नकली होते थे। इस पूरे प्रकरण में मेरठ RTO विभाग का संविदा कर्मी दीपक भी शामिल है, जो मौके से फरार हो गया है। उसकी गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं।










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