शामली। शामली के औद्योगिक क्षेत्र में पुलिस चौकी से कुछ ही दूरी पर चल रहे अवैध होटलों की करतूतों से आक्रोशित ग्रामीणों ने जमकर हंगामा किया। गुरूवार को एक बिना नाम के कथित ‘ओयो होटल’ में एक मनचले ने बस स्टैंड पर खड़ी एक लड़की को जबरन अंदर खींचने की कोशिश की। लड़की के चिल्लाने पर उसका भाई बचाने आया तो उस पर भी हमला किया गया। इस घटना से नाराज होकर गांववालों ने मौके पर विरोध-प्रदर्शन किया और इन अवैध होटलों को पुलिस की मिलीभगत से चलाने का आरोप लगाया।
अवैध होटलों का धंधा-
15 से ज्यादा अवैध होटल: औद्योगिक क्षेत्र में लगभग 15 अवैध होटल चल रहे हैं, जिनकी अनैतिक गतिविधियों से ग्रामीण परेशान हैं।
सुविधा शुल्क का आरोप: ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि ये होटल पुलिस को सुविधा शुल्क देकर संरक्षण प्राप्त करते हैं।
पुलिस पर लापरवाही का आरोप: घटना के बाद जब पुलिस को सूचना दी गई, तो पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करने के बजाय ग्रामीणों को होटल संचालकों से उलझने से बचने की सलाह दी, जिससे लोगों का गुस्सा और भड़क गया।
सरकार के दावों पर सवाल-
महिला सुरक्षा के दावों पर प्रश्न: ग्रामीणों का कहना है कि जहां एक ओर सरकार महिलाओं से छेड़छाड़ पर तुरंत कार्रवाई का दावा करती है, वहीं शामली में यह सब पुलिस की सरपरस्ती में हो रहा है।
सरेआम गुंडागर्दी: एक ग्रामीण, विश्वास प्रधान के मुताबिक, यह घटना पुलिस चौकी से महज 200-300 मीटर की दूरी पर हुई है, जो कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाती है।
विरोध प्रदर्शन और कार्रवाई की मांग-
ग्रामीणों का रोष: घटना से नाराज होकर आसपास के कई गांवों के लोग इकट्ठा हो गए और आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करने लगे।
होटल संचालक फरार: हंगामा शुरू होने पर आरोपी और होटल संचालक मौके से फरार हो गए।
प्रदर्शन जारी: ग्रामीण अपनी मांग पर अड़े हुए हैं और दोषियों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
ग्रामीणों द्वारा हंगामा प्रदर्शन करने की सूचना पर अपर पुलिस अधीक्षक सुमित शुक्ला मौके पर पहुंचे। उन्होंने सख्त कार्रवाई का आश्वासन देते हुए ग्रामीणों को शांत किया। हालांकि ग्रामीणों द्वारा अवैध कार्यों के संचालन में लिप्त पुलिसकर्मियों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई और अवैध होटलों को पूरी तरह से बंद कराने की मांग की गई है। ऐसा नही होने पर आंदोलन कर सड़क जाम करने की चेतावनी भी दी गई है।











Discussion about this post