नई दिल्ली। रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के भारत दौरे के दौरान विपक्ष को उनसे मुलाकात की अनुमति न मिलने के मुद्दे पर कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने केंद्र सरकार पर जमकर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि यह लोकतंत्र की परंपरा के खिलाफ है और सरकार विपक्ष की आवाज को दबा रही है।
प्रोटोकॉल के उल्लंघन का आरोप-
प्रोटोकॉल का हवाला: प्रियंका गांधी ने कहा, “यह प्रोटोकॉल है कि कोई भी विदेशी गणमान्य व्यक्ति यदि अनुरोध करे, तो नेता प्रतिपक्ष से मिल सकता है। सरकार इस प्रोटोकॉल को तोड़ रही है, जो उसकी असुरक्षा को दिखाता है।”
सरकार पर हमला: उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार सब कुछ अपने नियंत्रण में रखना चाहती है और किसी अन्य आवाज़ को सुनना नहीं चाहती।
लोकतंत्र में संवाद पर जोर-
चर्चा का अभाव: प्रियंका ने कहा कि लोकतंत्र में हर किसी को अपनी बात रखने और चर्चा करने का अधिकार है, लेकिन सरकार महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा से बच रही है।
विपक्ष की अनदेखी: उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार लगातार विपक्ष की अनदेखी कर रही है और संसद में उसकी आवाज़ को दबा रही है।
राहुल गांधी के दावे का समर्थन-
पुतिन से मुलाकात की इच्छा: प्रियंका गांधी का यह बयान राहुल गांधी के उस दावे के बाद आया है, जिसमें उन्होंने कहा था कि पुतिन ने उनसे मिलने की इच्छा जताई थी, लेकिन सरकार ने इसकी अनुमति नहीं दी।
कुल मिलाकर, प्रियंका गांधी ने इस घटना को लोकतांत्रिक परंपराओं के उल्लंघन के रूप में देखा और सरकार पर संवाद से भागने का आरोप लगाया।











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