मुज़फ्फरनगर। एक अनोखे और सांप्रदायिक सौहार्द के प्रतीक के रूप में जिला कलेक्ट्रेट परिसर में ‘अल्लाह हु अकबर’ और ‘हर-हर महादेव’ के नारे एक साथ गूंजे। ये नारेबाजी उस समय हुई जब भारतीय किसान यूनियन के पदाधिकारी अपनी विभिन्न मांगों को लेकर डीएम कार्यालय पहुंचे। इस प्रदर्शन में भाकियू के जिलाध्यक्ष नवीन चौधरी और जिला मीडिया प्रभारी शक्ति सिंह सहित संगठन के कई प्रमुख नेता मौजूद थे।
भाकियू के नेतृत्व में कलेक्ट्रेट पहुंचे भाकियू कार्यकर्ताओं का उद्देश्य प्रशासन से किसानों की समस्याओं और मांगों पर ध्यान आकर्षित करना था। लेकिन इस प्रदर्शन को खास बनाने वाला क्षण तब आया जब वहां मौजूद लोगों ने एकजुट होकर ‘अल्लाह हु अकबर’ और ‘हर-हर महादेव’ के नारे लगाए। इन नारों ने न केवल प्रदर्शन स्थल का माहौल बदल दिया, बल्कि यह भी दर्शाया कि विभिन्न समुदायों के बीच एकता और भाईचारा अभी भी मजबूत है। यह नजारा मुज़फ्फरनगर जैसे क्षेत्र में, जो अतीत में सांप्रदायिक तनावों के लिए चर्चा में रहा है, एक सकारात्मक संदेश लेकर आया।
धरने के दौरान भाकियू जिलाध्यक्ष नवीन चौधरी और जिला मीडिया प्रभारी शक्ति सिंह ने प्रदर्शनकारियों का नेतृत्व किया। उनकी मौजूदगी में लगे इन नारों ने यह संदेश दिया कि संगठन न केवल किसानों के हितों के लिए लड़ रहा है, बल्कि सामाजिक एकता को भी बढ़ावा दे रहा है। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि उनकी मांगें जायज हैं और वे प्रशासन से इन पर तुरंत कार्रवाई की उम्मीद करते हैं। इन मांगों में किसानों के लिए बेहतर सुविधाएं, उचित समर्थन मूल्य, और अन्य कृषि-संबंधी मुद्दे शामिल थे।
‘अल्लाह हु अकबर’ और ‘हर-हर महादेव’ के नारे एक साथ लगने से यह साफ हो गया कि मुज़फ्फरनगर की धरती पर अभी भी सांप्रदायिक सौहार्द की जड़ें गहरी हैं। इन नारों ने उन लोगों के लिए एक जवाब की तरह काम किया जो समाज में नफरत और विभाजन फैलाने की कोशिश करते हैं। इस घटना ने यह भी याद दिलाया कि मुज़फ्फरनगर का इतिहास केवल विवादों तक सीमित नहीं है, बल्कि यहाँ की जनता ने समय-समय पर एकता और भाईचारे की मिसाल भी पेश की है।










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