लखनऊ। लखनऊ विधानसभा में आज का सत्र बेहद खास और भावुक रहा। समाजवादी पार्टी की विधायक पूजा पाल ने सदन में खड़े होकर एक ऐसा बयान दिया जिसने सबको चौंका दिया। उन्होंने कहा कि वह जनता के विश्वास और उम्मीदों के साथ यहां आई हैं और उन्होंने हमेशा इस विश्वास पर खरा उतरने की कोशिश की है।
अपने भाषण में पूजा पाल ने प्रयागराज हत्याकांड का जिक्र किया, जिसमें उनके पति की हत्या कर दी गई थी। उन्होंने कहा कि यह केस पूरे प्रदेश में चर्चित रहा और यह घटना उनके जीवन का सबसे बड़ा आघात थी। पूजा पाल ने साफ कहा कि जब योगी आदित्यनाथ मुख्यमंत्री बने तो उन्हें पहली बार न्याय का अहसास हुआ। उन्होंने कहा, “मुख्यमंत्री योगी ने यह सुनिश्चित किया कि मेरे पति के हत्यारे अतीक अहमद को मिट्टी में मिला दिया जाए।””
उन्होंने आगे कहा कि मुख्यमंत्री की जीरो टॉलरेंस नीति का परिणाम है कि आज अपराधियों में भय है और पीड़ितों को न्याय मिल रहा है। उन्होंने कहा कि भले ही वह विपक्ष से आती हैं, लेकिन सच यह है कि उन्हें अपने परिवार के सबसे दर्दनाक केस में न्याय मिला। यह बयान उन्होंने भावुक स्वर में दिया और स्वीकार किया कि यह कहने का इरादा पहले नहीं था, लेकिन यह उनके जीवन का सच है।
सपा विधायक का यह बयान सदन के भीतर और बाहर बड़ी चर्चा का विषय बन गया है। एक ओर जहां भाजपा इसे योगी सरकार की उपलब्धि के रूप में पेश कर रही है, वहीं दूसरी ओर राजनीतिक हलकों में इसे विपक्षी विधायक की ‘स्पष्ट स्वीकारोक्ति’ के तौर पर देखा जा रहा है।
पूजा पाल का यह बयान न सिर्फ राजनीति में बल्कि समाज में भी एक संदेश है कि अपराध और अपराधियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई से ही न्याय संभव है।










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