मेरठ। डीजीपी राजीव कृष्ण ने कहा कि कांवड़ यात्रा मार्ग पर होटलों और ढाबों पर पहचान पूछने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि किसी भी संगठन को नाम पूछने का अधिकार नहीं है। दरअसल, कुछ दिन पहले यशवीर महाराज और उनके वालंटियरों ने ढाबों, होटलों, दुकानों की पहचान का अभियान चलाया था। इस दौरान मुजफ्फरनगर में एक कर्मचारी की पैंट उतारकर चेकिंग का प्रयास भी किया गया था। ऐसे मामलों पर डीजीपी ने कहा कि जो लोग माहौल खराब करना चाहते हैं, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। डीजीपी ने कहा कि कांवड़ यात्रा के दौरान धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने और कांवड़ खंडित करने वालों पर भी एक्शन होगा।
प्रदेश के मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह ने निर्देश दिए हैं कि ढाबों और होटलों पर जांच करने का अधिकार सिर्फ खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम के पास है। किसी भी समूह या संस्था ने जांच करने के नाम पर माहौल खराब करने की कोशिश की तो पुलिस सख्ती से निपटेगी। मुख्य सचिव ने पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) राजीव कृष्ण के साथ मंगलवार को मेरठ पहुंचकर कांवड़ यात्रा की तैयारियों और मार्ग की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। पांच राज्यों और तीन मंडलों के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की।
उन्होंने कहा कि 10 फीट ऊंची और 12 फीट चौड़ी डाक कांवड़ ही मान्य है। कांवड़ मार्ग पर बिजली के खंभों पर पॉलिथीन, गड्ढा मुक्त सड़कें, शिविरों पर खाने-पीने व्यवस्था और गंगनहर पर सुरक्षा के साथ-साथ सीसीटीवी से निगरानी की जाएगी।
मेरठ कमिश्नरी सभागार में पत्रकार वार्ता में मुख्य सचिव ने बताया कि पेयजल व सफाई व्यवस्था दुरुस्त रहनी चाहिए। सिंचाई विभाग नहर में संतुलित मात्रा में पानी छोड़ें। कांवड़ मार्ग के 700 किलोमीटर में 25 किलोमीटर का काम बाकी है। यह दो-तीन दिन में पूरा होगा। बिजली के खंभे, ट्रांसफार्मर को कवर करने, प्रशिक्षित करने, शुद्ध शाकाहारी खाना, डीजे के आवाज की निर्धारित तीव्रता आदि मानकों के अनुरूप ही करने होंगे। उन्होंने बताया कि 2024 में कांवड़ियों की संख्या चार करोड़ थी। निगरानी टीमों को निर्देश दिए गए कि ट्रेन की छत पर कोई सफर नहीं करने पाए।
डीजीपी राजीव कृष्ण ने बताया कि उत्तराखंड, दिल्ली, यूपी, हरियाणा, राजस्थान के अधिकारियों का व्हाट्सएप ग्रुप बनाया गया है। रुड़की से मुजफ्फरनगर के बीच में कांवड़ और डीजे असेंबल होते हैं, वहां के अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की गई है। अगर मानक से ऊंची कांवड़ है तो उसे रोका जाएगा। महिला कांवड़ियों के लिए कैंपस में विशेष व्यवस्था की जा रही है।
कांवड़ मार्ग के ढाबों पर क्यूआर कोड लगाना अनिवार्य है ताकि खाना देने वालों की पहचान सही हो। लापरवाही करने वाले ढाबा संचालकों पर भी कार्रवाई होगी। रूट डायवर्जन 10 जुलाई से कराने की योजना है। हरिद्वार से जैसे-जैसे कांवड़ियों की संख्या बढ़ेगी, उसके आधार पर रूट डायवर्जन होगा। 24 घंटे कंट्रोल रूम सक्रिय रहेगा। 23 जुलाई को शिवरात्रि के बाद आगरा, बरेली और मुरादाबाद में फोर्स रवाना किया जाएगा।
मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह और पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्ण ने बाबा औघड़नाथ मंदिर में पहुंचकर भगवान शिव का जलाभिषेक कर पूजा-अर्चना की। मंदिर परिसर का भ्रमण कर स्थानीय अधिकारियों को सुरक्षा व्यवस्था के लिए निर्देश दिए। एसएसपी डॉ. विपिन ताडा ने सीसीटीवी कैमरों के बारे में बताया। इस दौरान एडीजी भानु भास्कर, कमिश्नर हृषिकेश भास्कर यशोद, डीएम डॉ. वीके सिंह, एसपी सिटी आयुष विक्रम सिंह, एएसपी अंतरिक्ष जैन, एसपी यातायात राघवेंद्र मिश्रा सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
डीजीपी राजीव कृष्ण मंगलवार सुबह 11 बजे पुलिस लाइन पहुंचे। यहां एडीजी, डीआईजी और एसएसपी ने स्वागत किया गया। इसके बाद उन्होंने नवनिर्मित ऑफिसर मेस का उद्घाटन किया गया। एसएसपी डॉ. विपिन ताडा ने बताया कि यह नवीन मेस पुलिस अधिकारियों को आधुनिक, स्वच्छ एवं सुव्यवस्थित प्रवास की सुविधा प्रदान करेगा। डीजीपी ने पुलिस लाइन प्रांगण में रुद्राक्ष का पौधा लगाया।
डीजीपी राजीव कृष्ण ने पुलिस लाइन में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे नए आरक्षियों के प्रशिक्षण की व्यवस्था का निरीक्षण किया। उन्होंने प्रशिक्षण पाठ्यक्रम की गुणवत्ता, प्रशिक्षकों की उपलब्धता, परेड ग्राउंड, बैरक, भोजनालय और अनुशासनिक ढांचे जैसे महत्वपूर्ण पहलुओं का अवलोकन किया। उन्होंने कुछ सुझाव दिए और समस्याओं को जाना। पुलिस की 10 प्राथमिकताओं से संबंधित सवाल का सही उत्तर देने वाले सूरज कुमार चौधरी (रिक्रूट आरक्षी) को पुरस्कृत किया।
कमिश्नरी सभागार में कांवड़ यात्रा को लेकर समीक्षा बैठक में एडीजी मेरठ जोन भानु भास्कर, मंडलायुक्त हृषिकेश भास्कर यशोद, सहारनपुर मंडलायुक्त अटल कुमार राय, अलीगढ़ मंडलायुक्त संगीता सिंह, मुरादाबाद मंडलायुक्त अंजनेय सिंह, एडीजी बरेली जोन रमित शर्मा, वी मुरुगेशन एडीजी लॉ एंड आर्डर उत्तराखंड, डीआईजी मेरठ कलानिधि नैथानी, डीआईजी मुरादाबाद मुनिराज, डीआईजी अलीगढ़ प्रभाकर चौधरी, डीआईजी सहारनपुर अभिषेक सिंह, डीएम डॉ. वीके सिंह, एसएसपी डॉ विपिन ताडा समेत अन्य राज्यों एवं जिलों के अधिकारी मौजूद रहे। कुछ राज्यों के अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से ऑनलाइन जुड़े।
इन मुख्य बिंदुओं पर हुआ मंथन
– कांवड़ मार्ग पर ट्रैफिक डायवर्जन की योजना, कांवड़ियों के डीजे, कैंप आयोजकों, ट्रांसपोर्टरों व टोल संचालकों से समन्वय, सीसीटीवी, विद्युत व्यवस्था पर बातचीत की गई।
– मानकों के अनुरूप कांवड़ और डीजे की ऊंचाई और चौड़ाई रखने के कड़े निर्देश दिए गए
– डाक कांवड़ यात्रियों की विशेष सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जाए
– महिला कांवड़ियों की निजता को ध्यान में रखते इंतजाम करने को कहा गया
– यात्रा मार्गों पर निर्धारित ट्रैफिक प्लान लागू रहेगा। पार्किंग स्थल चिह्नित कर यातायात को सुगम बनाने पर जोर दिया गया
– सड़कों एवं लिंक मार्गों पर विशेष सतर्कता एवं कड़ी निगरानी रखने के निर्देश दिए
– दुर्घटनाओं को रोकने और आपात चिकित्सा व्यवस्था दुरुस्त रखने के लिए निर्देशित किया
– सोशल मीडिया पर दुष्प्रचार करने वालों पर कड़ी नजर रखने और कार्रवाई के लिए भी चेताया गया











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