मुज़फ्फरनगर। मुज़फ़्फ़रनगर के डीएवी डिग्री कॉलेज में उस समय हड़कंप मच गया जब छात्र नेता विशु मलिक पिन्ना एमए कोर्स में दाखिला न मिलने के विरोध में कॉलेज परिसर में भूख हड़ताल पर बैठ गए। उन्होंने कॉलेज की प्रिंसिपल गरिमा जैन पर तानाशाही रवैया अपनाने और छात्रों की आवाज़ दबाने का आरोप लगाया।
विशु मलिक का कहना है कि जब वह एमए में दाखिला लेने कॉलेज पहुंचे, तो उन्हें बताया गया कि उनका नाम ब्लैकलिस्ट में है। जब उन्होंने इस बारे में जानकारी लेने के लिए प्रिंसिपल गरिमा जैन से संपर्क किया, तो उन्होंने आरोप लगाया कि विशु छात्रों को जागरूक करते हैं और “हाय-हुल्ला” करते हैं, इसीलिए उन्हें एडमिशन नहीं दिया जाएगा।
भूख हड़ताल पर बैठे विशु मलिक ने स्पष्ट किया कि अगर छात्रों के हक की आवाज उठाना अपराध है तो वह यह बार-बार करेंगे और जब तक इंसाफ नहीं मिलेगा, तब तक भूख हड़ताल जारी रखेंगे।
मौके पर सिविल लाइंस थाना प्रभारी आशुतोष अपनी टीम के साथ पहुंचे और विशु मलिक को समझाने का प्रयास किया, लेकिन मलिक अपनी मांग पर अड़े रहे।
विशु मलिक ने कहा कि उनके साथ कई सामाजिक और राजनीतिक संगठनों ने समर्थन जताया है। वहीं, भाजपा जिला मंत्री कीर्त्यांश खटीक ने कहा कि वह विशु मलिक के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े हैं और जब तक वह भूख हड़ताल पर बैठे रहेंगे, वे भी साथ रहेंगे। इस पूरे मामले ने महाविद्यालय प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। छात्रों और समाजिक संगठनों में रोष व्याप्त है।










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