मुजफ्फरनगर। शुक्रवार को योग साधना आश्रम बघरा के मुख्य महंत स्वामी यशवीर महाराज को उनके समर्थकों के साथ उत्तराखंड सीमा पर नारसन पुलिस चौकी के पास सीमा में प्रवेश करने से रोक दिया गया। वे हरिद्वार में कांवड़ मार्ग पर होटलों और ढाबों के नाम व कर्मियों की धार्मिक पहचान के सत्यापन अभियान के तहत जा रहे थे। उत्तराखंड पुलिस की इस कार्रवाई से बॉर्डर पर तनावपूर्ण माहौल बन गया और मुजफ्फरनगर पुलिस प्रशासन भी सतर्क हो गया।
स्वामी यशवीर महाराज पिछले कुछ समय से कांवड़ मार्ग पर हिंदू धार्मिक आस्थाओं के अनुरूप वातावरण सुनिश्चित करने के उद्देश्य से अभियान चला रहे हैं। उनके समर्थकों का कहना है कि यह कार्य पूरी तरह शांतिपूर्ण और धार्मिक है, जिसका मकसद किसी समुदाय के खिलाफ नहीं बल्कि सनातन संस्कृति की रक्षा करना है।
जब उन्हें सीमा पर रोका गया, तो बड़ी संख्या में समर्थक वहां पहुंच गए और विरोध दर्ज कराया। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासन ने शांतिपूर्ण धार्मिक यात्रा में बाधा डाली है। इसके चलते बॉर्डर पर तनाव बढ़ गया। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया और उच्च अधिकारी मौके पर निगरानी में जुट गए।
प्रशासन का कहना है कि कांवड़ यात्रा से पूर्व कानून-व्यवस्था बनाए रखना प्राथमिकता है और यह कदम एहतियातन रूप में उठाया गया है। वहीं, स्वामी यशवीर महाराज ने मीडिया से बातचीत में कहा,
“मेरा उद्देश्य सनातन संस्कृति की रक्षा और धार्मिक समरसता बनाए रखना है। मुझे रोका जाना दुर्भाग्यपूर्ण है। हम कानून का सम्मान करते हैं, लेकिन अपने अधिकारों की लड़ाई भी जारी रखेंगे।” उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका अभियान किसी समुदाय के खिलाफ नहीं बल्कि केवल हिंदू आस्था की रक्षा के लिए है।










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