दुबई। दुबई एयर शो की चमकदार दुनिया हमेशा रोमांच और तकनीकी कौशल के लिए जानी जाती है, लेकिन इसके पीछे खतरे की वो परत भी छिपी रहती है जिसे अक्सर नजरअंदाज कर दिया जाता है। कई वर्षों से चल रहे ऐसे शो में दुनिया भर के उन्नत लड़ाकू विमान, ड्रोन और एरोबैटिक्स टीम अपना कौशल दिखाती हैं।
हालांकि, 2025 में भारतीय वायुसेना के तेजस विमान के क्रैश ने एक बार फिर याद दिलाया कि एयर शो में जरा-सी चूक बड़ा हादसा बन सकती है। इससे पहले भी पाकिस्तान, अमेरिका, रूस, यूएई और सऊदी अरब के विमान इस शो के दौरान दुर्घटनाग्रस्त हो चुके हैं।
पाकिस्तानी जे-10सी का क्रैश-
दुबई एयर शो में पहला बड़ा विमान हादसा 2019 में हुआ था। पाकिस्तान वायुसेना का चेंगदू जे-10सी लड़ाकू विमान एरोडेमो के दौरान क्रैश हो गया। चीन में निर्मित यह विमान पहली बार पाकिस्तान को मिला था। पायलट ने तो समय रहते इजेक्ट कर लिया, लेकिन विमान एक रिहायशी इलाके में गिरा, जिसमें एक बच्चे की मौत हो गई। मलबे ने एक घर को भी नुकसान पहुंचाया। जांच में तकनीकी खराबी और पायलट की चूक को जिम्मेदार माना गया। यह हादसा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सुरक्षा मानकों पर बहस का केंद्र बना।
2017 में सऊदी विमान की टक्कर-
इससे पहले 2017 में सऊदी अरब की सलाम एयरलाइंस का बोइंग 737-800 विमान तकनीकी खराबी के चलते स्टैटिक डिस्प्ले एरिया में फिसल गया और पास खड़े एक विमान से टकरा गया। किसी को चोट तो नहीं आई, लेकिन एयर शो कई घंटों के लिए रोकना पड़ा। सऊदी टीम ने इसे ‘माइनर टेक्निकल फॉल्ट’ बताया। यह घटना भले ही छोटी थी, लेकिन इसने सुरक्षा तैयारियों की कमजोरी पर सवाल उठाए।
साल 2009 में इमरजेंसी लैंडिंग-
2009 में रूस की ‘रशियन नाइट्स’ टीम का सुखोई एसयू-27 विमान प्रदर्शन के दौरान नियंत्रण खो बैठा। हालांकि पायलट ने शानदार कौशल दिखाते हुए विमान को रनवे पर सुरक्षित उतार लिया। किसी के घायल न होने से बड़ा हादसा टल गया, लेकिन इसे संगठनात्मक सतर्कता में एक बड़ा टेस्ट माना गया।
अमेरिकी विमान एफ-16 भी रहा हादसों का हिस्सा-
2015 में अमेरिकी एफ-16 और 2013 में यूएई के एफ-16 में इंजन संबंधी खराबी देखी गई। सौभाग्य से दोनों उड़ानों के दौरान पायलटों ने विमानों को सुरक्षित उतार लिया। यह ऐसी घटनाएं थीं जो बड़ी दुर्घटना में बदल सकती थीं, लेकिन समय रहते तकनीकी प्रतिक्रिया ने स्थिति संभाल ली। इससे साफ होता है कि एयर शो में खतरा हर समय मौजूद रहता है।
नामी देशों के विमान भी हुए क्रैश-
2007 में ब्रिटिश हॉक ट्रेनर विमान को लो-लेवल फ्लाइट के दौरान ब्रेक फेल होने पर पायलट को इजेक्ट करना पड़ा। 2011 में फ्रांसीसी मिराज और 1997 में रूसी मिग-29 में भी तकनीकी खराबी के छोटे मामले सामने आए, हालांकि इनमें क्रैश नहीं हुआ। इन सभी घटनाओं ने आयोजकों को सुरक्षा व्यवस्था बार-बार मजबूत करने की याद दिलाई।
अमेरिका के एफ-16, एफ/ए-18 और एफ-15 जैसे उन्नत लड़ाकू विमानों को दुनिया भर में एयर शो के दौरान कई हादसों का सामना करना पड़ा है।
रूस के सु-27, मिग-29, सु-30 और सु-35 जैसे प्रमुख लड़ाकू विमान भी विभिन्न एयर शो के दौरान क्रैश हो चुके हैं।
यूरोप के यूरोफाइटर टाइफून, मिराज 2000 और साब ग्रिपेन जैसे उन्नत विमानों के भी कई एयर शो क्रैश दर्ज हैं।
चीन के जे-10 विगरस ड्रैगन का 2013 में क्रैश हुआ था, और एक सार्वजनिक डेमो अभ्यास के दौरान चीनी टेस्ट पायलट वांग वेई की मौत हो गई थी।











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