मुजफ्फरनगर। कचहरी परिसर स्थित जिला पंचायत सभागार में ईट भट्टा स्वामियों के साथ प्रशासन की बैठक आयोजित की गई। बैठक में अपर जिलाधिकारी राजस्व, खनन अधिकारी और प्रदूषण विभाग के अधिकारी शामिल हुए। बैठक का उद्देश्य शासन के दिशा-निर्देशों से भट्टा स्वामियों को अवगत कराना और रॉयल्टी समय पर जमा कराने के लिए उन्हें मार्गदर्शन देना था।
बैठक में ईट भट्टा स्वामियों ने खनन विभाग के बाबुओं पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि उन्हें अवैध नोटिस दिए जाते हैं और कई बार एक ही जांच को दोहराने के लिए बाध्य किया जाता है। स्वामियों ने इस बाबत संबंधित अधिकारियों से आरोपियों को हटाने की मांग की।
अपर जिलाधिकारी प्रशासन गजेंद्र सिंह ने बैठक में कहा कि एनसीआर क्षेत्र में ईंट भट्टा संचालन को उच्चतम न्यायालय और एनजीटी के आदेशों के अनुसार नियंत्रित किया जा रहा है। फूंकाई का समय 1 मार्च से 30 जून तक निर्धारित किया गया है। उन्होंने भट्टा स्वामियों से अपील की कि रेगुलेटरी फीस और अन्य निर्धारित शुल्क समय पर जमा कराएं। साथ ही किसी भी प्रशासनिक समस्या की सूचना देने पर उसे तुरंत सुलझाने का आश्वासन दिया।
ईट भट्टा निर्माता समिति के अध्यक्ष ने बताया कि हर साल सीजन शुरू होने से पहले ऐसी बैठक आयोजित की जाती है। बैठक में अधिकारियों ने शासन के दिशा-निर्देशों पर चर्चा की और भट्टा संचालन की प्रक्रियाओं को स्पष्ट किया। स्वामियों ने कहा कि खनन विभाग में भ्रष्टाचार सबसे बड़ी समस्या है, जिससे व्यवसाय में काफी परेशानी हो रही है और कई स्वामी इसे जारी रखने में संकोच कर रहे हैं।
बैठक में प्रशासन ने आश्वासन दिया कि किसी भी तरह की समस्या या विवाद आने पर संबंधित विभागों के माध्यम से उसका समाधान किया जाएगा।










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