मुजफ्फरनगर। विशेष गैंगस्टर कोर्ट ने करीब 30 साल पुराने गैंगस्टर एक्ट के मामले में आरोपी इकबाल पुत्र बनारसी को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया है। यह मामला वर्ष 1995 में फुगाना थाना क्षेत्र का है, जिसे तत्कालीन थाना प्रभारी ओम प्रकाश सिंह ने दर्ज कराया था।
उस समय पुलिस ने गैंग चार्ट के आधार पर दो आरोपियों ओमवीर और इकबाल के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत मामला दर्ज किया था। मामले की सुनवाई के दौरान सह-आरोपी ओमवीर की मृत्यु हो चुकी है, जबकि इकबाल के विरुद्ध मुकदमे की सुनवाई विशेष गैंगस्टर कोर्ट में चल रही थी।
विशेष गैंगस्टर कोर्ट के पीठासीन अधिकारी काशिफ शेख ने अपने आदेश में कहा कि अभियोजन पक्ष आरोप सिद्ध करने में विफल रहा है। कोर्ट ने आरोपी इकबाल को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया।
आरोपी की ओर से पैरवी कर रहीं वरिष्ठ अधिवक्ता छवि रानी तोमर ने अदालत को बताया कि पुलिस द्वारा प्रस्तुत गैंग चार्ट में शामिल तीन मामलों में इकबाल को पूर्व में बरी किया जा चुका है और चौथा मामला उच्च न्यायालय में विचाराधीन है। उन्होंने दलील दी कि अभियोजन ने कोई ठोस साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किया है जिससे यह सिद्ध हो सके कि आरोपी किसी संगठित आपराधिक गिरोह का सदस्य था।










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